भोपाल में रेमडिसिविर इंजेक्शन की किल्लत, डिमांड के बाद दो से 3 दिन में मिलता है तब तक....

MP. शासन ने रेमडिसिविर इंजेक्शन सीधे अस्पतालों को सप्लाई करने का नियम बनाया है.

MP. शासन ने रेमडिसिविर इंजेक्शन सीधे अस्पतालों को सप्लाई करने का नियम बनाया है.

Bhopal. एक तरफ इंजेक्शन की कमी से शहर के अस्पताल जूझ रहे हैं वहीं मौत का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा. 3 मई को 123 लोगों की कोरोना से मौत हुई.

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भोपाल. राजधानी भोपाल (Bhopal) में रेमडिसिविर इंजेक्शन (Remdesivir injection) की किल्लत होने लगी है. हालांकि सरकार लगातार दावा कर रही है कि इंजेक्शन की पर्याप्त सप्लाई की जाएगी. लेकिन शहर के निजी अस्पतालों में इसकी सप्लाई नहीं हो रही है. डिमांड के बावजूद 2 से 3 दिन तक इंजेक्शन नहीं मिल रहा है. यही कारण है कि अब डॉक्टर मरीजों के अटेंडेट्स से ही इंजेक्शन लाने के लिए कह रहे हैं.

शहर के निजी अस्पतालों में रेमडिसिविर इंजेक्शन की सप्लाई नहीं हो रही है. डिमांड करने के बाद भी 2 से 3 दिन तक इंजेक्शन नहीं मिल रहा. ऐसी स्थिति में मरीजों की जान पर बन रही है. जब इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं तो ज़ाहिर है मरीज़ों के अटेंडेट्स को ही यहां वहां भटकना पड़ रहा है. उन्हें भी आसानी से इंजेक्शन नहीं मिल रहा है. जिन्हें इधर-उधर कालाबाज़ारी से मिल गया तो बड़ी बात, जिन्हें नहीं मिल पा रहा उनका फिर भगवान ही मालिक है. मरीज के परिवार वाले इंजेक्शन के लिए पूरे शहर की खाक छानते हैं. लेकिन उन्हें इंजेक्शन नहीं मिलता, क्योंकि शासन सीधे अस्पतालों में इंजेक्शन सप्लाई कर रहा है.

कोरोना से थम नहीं रहा मौत का सिलसिला

एक तरफ इंजेक्शन की कमी से शहर के अस्पताल जूझ रहे हैं वहीं मौत का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा. 3 मई को 123 लोगों की कोरोना से मौत हुई. ये वो आंकड़ा है जिन शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत  अंतिम संस्कार किया गया है. भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में 64 और सुभाष नगर विश्राम घाट में 55 शवों का अंतिम संस्कार किया गया. झदा कब्रिस्तान में 04 शवों को दफनाया गया. हालांकि सरकारी आंकड़ों में 6 लोगों की मौत होना बताई गई है.  2 मई को 114शवों का कोरोना प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार हुआ था.
5 मई से प्रदेश में टीकाकरण अभियान

मध्यप्रदेश में 18 से 44 साल के लोगों का टीकाकरण अभियान 5 मई से शुरू हो जाएगा. इस दौरान इस वर्ग के प्रदेश के 3.50 करोड़ लोगों का वैक्सिनेशन होना है. सरकार ने 5 करोड़ 29 लाख वैक्सीन का  ऑर्डर दिया है. अभी तक 82 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लग चुका है.  5 से 15 मई के बीच 1.50 लाख डोज लगाए जाएंगे. पंचायत और आंगनवाड़ी भवनों में भी वैक्सिनेशन होगा.





भोपाल कमिश्नर ने दिए निर्देश

आरटीपीसीआर की रिपोर्ट 24 घंटे में देने के लिए भोपाल कमिश्नर कवींद्र कियावत ने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. सभी नोडल अधिकारी अब वायरोलॉजी लैब से जुड़े नेटवर्क पर काम करेंगे. इससे सैंपल तेजी से लाने ले जाने और पहुंचाने से 24 घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी.
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