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BHOPAL : कमलनाथ ने की खाट पंचायत तो शिवराज बोले कुर्सी बची नहीं खाट पर ही बैठें 

बीजेपी (BJP) ने किसानों को कृषि कानून के प्रावधान समझाने के लिए मध्यप्रदेश में किसान सम्मेलनों का भी आयोजन किया था.अब कांग्रेस कानून के खिलाफ महापंचायत कर रही है जिसमें कृषि बिल को किसानों के खिलाफ करार दिया जा रहा है.
बीजेपी (BJP) ने किसानों को कृषि कानून के प्रावधान समझाने के लिए मध्यप्रदेश में किसान सम्मेलनों का भी आयोजन किया था.अब कांग्रेस कानून के खिलाफ महापंचायत कर रही है जिसमें कृषि बिल को किसानों के खिलाफ करार दिया जा रहा है.

बीजेपी (BJP) ने किसानों को कृषि कानून के प्रावधान समझाने के लिए मध्यप्रदेश में किसान सम्मेलनों का भी आयोजन किया था.अब कांग्रेस कानून के खिलाफ महापंचायत कर रही है जिसमें कृषि बिल को किसानों के खिलाफ करार दिया जा रहा है.

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भोपाल.मुरैना (Morena) जिले के देवरी में किसान बिल के विरोध में हुई कांग्रेस (Congress) की खाट पंचायत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा.शिवराज सिंह बोले- कमल नाथ के पास कुर्सी तो बची नहीं लिहाजा अब वो खाट पर ही बैठें. क्या दिक्कत है खाट पर बैठने में. किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने आज मुरैना में खाट महा पंचायत का आयोजन किया था.इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा दिग्विजय सिंह सहित तमाम कांग्रेस नेता मौजूद थे.

मध्यप्रदेश-राजस्थान बॉर्डर पर हुई इस महा पंचायत में कांग्रेस ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को सीधा समर्थन देने का संकल्प भी लिया. किसान महापंचायत को कांग्रेस ने अनूठे रूप में आयोजित किया था, जिसमें किसान खाट पर बैठे. पुराने जमाने का लुक देने के लिए वहां खटिया लगाई गई थीं.





कमल नाथ का बीजेपी पर निशाना
किसान महा पंचायत को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम कमल नाथ ने कहा  देश मे किसान सबसे बड़ा वर्ग है. 40 साल पहले अमेरिका से अनाज आयात करते थे. हमारे किसानों की बदौलत अब अनाज निर्यात होता है. एमपी में 70 फीसदी आबादी किसान हैं.मैं आज के नौजवान किसानों से अपील करता हूं, आप ही एमपी और ग्वालियर चबंल का विकास करेंगे. युवा किसानों आप सच्चाई का साथ देना. हमारे किसानों ने एमपी को सुरक्षित रखा है. कमलनाथ ने कहा-इंदिरा गांधी ने अनाज व्यापार का राष्ट्रीयकरण शुरू किया, समर्थन मूल्य तब से शुरू हुआ. आज एमपी के 20 फीसदी किसानों को समर्थन मूल्य मिलता है, जबकि पंजाब में 95 फीसदी किसानों को समर्थन मूल्य मिलता है.केंद्र नए कानून से व्यापारियों को मंडी का स्टेटस देने की तैयारी कर रही है. समर्थन मूल्य बन्द होगा. किसान को बंधुआ बनाने के लिए बनाया गया है नया कानून. कमल नाथ की मानें तो व्यापारियों को खरीदी की सीमा से मुक्त करना किसानों के लिए घातक होगा.

किसान पर आर - पार
किसानों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है.तीनों कृषि बिल पास होने के बाद से ही ये जंग जारी है. बीजेपी कृषि बिलों को किसानों के हित में बता रही है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से लगातार इसके खिलाफ में आवाज उठाई जा रही है. बीजेपी ने किसानों को कृषि बिल के प्रावधान समझाने के लिए मध्यप्रदेश में किसान सम्मेलनों का भी आयोजन किया था जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत तमाम बड़े नेता शामिल हुए थे. अब कांग्रेस बिल के खिलाफ महापंचायत कर रही है जिसमें कृषि बिल को किसानों के खिलाफ करार दिया जा रहा है.
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