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अगर कोई मनचला छेड़े तो सैंडल मारने की नहीं, बस टकराने की जरूरत है...ये है नई डिवाइस
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 22, 2020, 5:10 PM IST
अगर कोई मनचला छेड़े तो सैंडल मारने की नहीं, बस टकराने की जरूरत है...ये है नई डिवाइस
महिलाओं की सुरक्षा के लिए भोपाल के स्टूडेंट ने बनाई नई डिवाइस.

जब लड़की से छेड़छाड़ (Molestation) या फिर उसे पकड़ने या खींचने की कोशिश होगी, तो सैंडल को दूसरी सैंडल से टकराने से अलर्ट मैसेज पुलिस और परिवार के पास चला जाएगा..

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भोपाल.अभी तक आपने सैंडल (Sandals) से मनचलों की पिटाई होती देखी होगी, लेकिन अब सैंडल लड़कियों की सुरक्षा कवच (protective sheild) का काम करेगी. ऐसा संभव हो पाया है, वुमन सेफ्टी सिस्टम (Woman Safety System) के जरिए. यह सिस्टम सरकार ने नहीं, बल्कि भोपाल के एक स्टूडेंट (Student) ने तैयार किया है. इसमें असुरक्षा का माहौल होने पर कोई भी लड़की सैंडल को दूसरी सैंडल से टकराकर अलर्ट मैसेज और अपनी करंट लोकेशन (Current location) पुलिस और परिवार को भेज सकती है. मैसेज मिलते ही लड़की को तत्काल मदद मिल जाएगी.

एमटेक के छात्र ने की पहल
आए दिन महिलाओं के साथ हो रही हिंसा और रेप जैसी घटनाएं प्रदेश और समाज को शर्मसार करती हैं. ऐसे में भोपाल के एक स्टूडेंट ने तकनीक के सहारे महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़ी पहल की है. उसने एक ऐसी डिवाइस डेवलप की है, जिसके लिए न तो किसी मोबाइल फोन की जरूरत है और न ही बैग की. ओल्ड सिटी के कोच फैक्टरी इलाके में रहने वाले एमटेक के स्टूडेंट कपिल सोनी ने सैंडल के अंदर ही वुमेन सेफ्टी सिस्टम तैयार कर दिया.

ये है नायाब सुरक्षा

कपिल सोनी ने न्यूज 18 को इस सिस्टम का डेमो देते हुए बताया कि उन्होंने दूसरी किसी डिवाइस को न चुनकर सैंडल को इसलिए चुना, ताकि किसी को इस पर शक न हो. किसी को वुमन सेफ्टी सिस्टम का पता भी नहीं चले. कपिल सोनी ने आगे बताया कि आए दिन लड़कियों से मोबाइल या बैग छीनने की घटनाओं के बारे में पता चलता है. इस सैंडल की मदद से ऐसे अपराध पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. जब भी  कोई मनचला या अपराधी किसी लड़की से छेड़छाड़ या फिर उसे पकड़ने या खींचने की कोशिश करेगा, तो सैंडल को दूसरी सैंडल से टकराने से अलर्ट मैसेज पुलिस और परिवार के पास खुद-ब-खुद चला जाएगा.

ऐसे काम करेगी सैंडल
सैंडल के अगले हिस्से में एक स्विच है, जो वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम से कनेक्ट रहता है. इस सिस्टम में सिम कार्ड, बैटरी, जीपीएस सिस्टम और सिस्टम को चलाने वाले दूसरे उपकरण रहते हैं. यह पूरा सिस्टम लड़की के बैग में रखा जाता है. जब लड़की से छेड़छाड़ होती है या फिर उसे असुरक्षित माहौल लगता है, तो वह अपने सैंडल में लगे स्विच को दूसरे सैंडल से टकराएगी तो सिस्टम ऑन हो जाएगा. स्विच ऑन होते ही बैग में रखा सिस्टम एक्टिव हो जाता है और पलभर में अलर्ट मैसेज सिस्टम का फीड पुलिस और परिवार वालों के फोन पर चला जाता है. अलर्ट मैसेज के साथ लड़की की करंट लोकेशन भी आती है. इसी लोकेशन के जरिए पुलिस या फिर परिवार मदद के लिए लड़की तक आसानी से पहुंच सकते हैं.क्या है सैंडल की लागत...?
कपिल सोनी ने बताया कि अभी सैंडल में लगाए वुमेन सेफ्टी सिस्टम को तैयार करने में 1200 रुपए से लेकर 1300 रुपए का खर्चा आ रहा है. मौजूदा सिस्टम का साइज थोड़ा बड़ा है, इसलिए इसे छोटा किया जा रहा है. कपिल इस सिस्टम का साइज एक छोटे स्केल के बराबर 15 सेंटीमीटर कर रहे हैं. इससे सैंडल की लागत भी 300 रुपए से लेकर 400 रुपए तक हो जाएगी.

सैंडल में रिसेट स्विच का ऑप्शन भी
कपिल सोनी ने बताया कि यदि गलती से सैंडल आपस में टकरा जाए, तो उसके लिए भी एक सिस्टम बनाया गया है. इसके लिए सैंडल के पिछले हिस्से में रि-सेट स्विच दिया गया है. इसी स्वीच के जरिए मैसेज को सेंड होने से पहले रोका जा सकता है. मैसेज सेंड होने से पहले कुछ अकाउंटर चलते हैं और डिवाइस की कंपन से लड़की को मैसेज सेंड होने का पता चलता है. कपिल ने कहा कि पुलिस हर जगह महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकती है, लेकिन तकनीक के सहारे सूचना मिलने पर वो तत्काल मदद के लिए पहुंच सकती है.

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First published: January 22, 2020, 3:31 PM IST
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