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वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोविड 19 हो रहा है तो घबराएं नहीं, कोरोना वॉरियर डॉक्टर की आपबीती सुनिए...

वैक्सीन कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचाएगी.

वैक्सीन कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचाएगी.

Bhopal. कोरोना वॉरियर डॉ पुनीत टंडन ने अपने अनुभव के आधार पर अपील की है कि वैक्सीन ज़रूर लगवाएं क्योंकि ये आपको कोविड 19 के गंभीर लक्षणों से बचाएगी. वैक्सीन लगवाने के बाद भी सतर्क रहें. मास्क लगाते रहें. सेनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेंस बनाए रखें.

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भोपाल. एंटी कोविड वैक्सिनेशन (Covid Vaccination) पूरे देश दुनिया में ज़ोर शोर से चल रहा है. ये वैक्सीन लगने के बाद भी कुछ लोगों को संक्रमण हो रहा है. हालांकि ये प्रतिशत बेहद मामूली है. संक्रमित होने वालों में हेल्थ वर्कर्स भी हैं. भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया हॉस्पिटल के जाने माने पैथालॉजी स्पेशलिस्ट डॉ पुनीत टंडन भी उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी संक्रमण हो गया. उन्होंने अपने अनुभव को साझा किया. उन्होंने कहा घबराने की ज़रूरत नहीं सिर्फ एहतियात और कोरोना गाइड लाइन (Corona Guideline) का पालन करना होगा. वैक्सीन लगवाने से संक्रमण का असर बेहद मामली होगा ये गंभीर लक्षणों से आपको बचाएगी.

भोपाल के डॉ पुनीत टंडन भोपाल के उन डॉक्टर्स में शामिल थे जिन्हें वैक्सिनेशन शुरू होने के पहले ही दिन यानि 16 जनवरी 2021 के दिन कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग गयी थी. दूसरी डोज भी 24 फरवरी को उन्हें लगा दी गयी. पहला डोज लगने के दिन से ही वो लगातार अपना कोविड-19 एंटीबॉडीज टेस्ट कराते रहे. ताकि ये पता चल सके कि वैक्सीन लगवाने के बाद उनके शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए कितनी इम्युनिटी यानि कितने एंटीबॉडीज तैयार हुए. इसकी रिपोर्ट लगातार उन्हें हिम्मत देती रही. डोज लगने के पहले दिन यानि 16 जनवरी को उनके शरीर में एंडीबॉडीज 0.05 थे जो 16 मार्च को बढ़कर 11.75 हो गए थे.

पहली डोज के 74 वें दिन खराश
दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक डॉ पुनीत टंडन ने बताया कि 30 मार्च 2021 की सुबह यानि पहली डोज लगने के 74वें दिन उन्हें गले में हल्की सी खराश हुई. सुबह के वक्त वो रोज सैर और 10 किमी दौड़ते हैं. लेकिन उस दिन उन्हें थकान महसूस हुई. उस दिन उनकी हार्टबीट भी कुछ ज़्यादा थी. लेकिन शाम होते होते कंपकंपी शुरू हुई और फिर जुकाम हो गया. लेकिन डॉ टंडन क्योंकि दोनों डोज लगवा चुके थे इसलिए निश्चिंत थे कि कोरोना नहीं होगा. लेकिन अगली सुबह जब वो सोकर उठे तो 99 डिग्री बुखार उन्हें हो चुका था. फिर भी उन्हें कोई ऐसी चिंता नहीं हुई कि वो कोविड पॉजिटिव हो सकते हैं.
रिपोर्ट देखकर शॉक्ड


फिर भी एहतियात के तौर पर डॉ पुनीत टंडन ने अस्पताल के फीवर क्लीनिक पर कोविड-19 का टेस्ट कराया. लेकिन ये क्या. रिपोर्ट आयी तो डॉ टंडन स्तब्ध रह गए. वो कोरोना पॉजिटिव थे. उन्होंने खुद को आइसोलेट किया और चेस्ट का सीटी स्कैन कराया. डॉक्टरों ने कुछ जांच के अलावा होम आइसोलेशन की सलाह दी. गनीमत ये रही कि परिवार के बाकी किसी सदस्य को ये संक्रमण नहीं लगा था. सबकी रिपोर्ट निगेटिव थी. डॉ टंडन को दो दिन 99 से 100.4 डिग्री बुखार रहा जो पेरासिटामोल से ठीक हो गया. बाकी कोई और सिम्टम उन्हें नहीं था. न शरीर में दर्द और न ही कमजोरी.फिर कई खून के कई टेस्ट और भी कई तरह की जांच की गयी जो सब ठीक निकलीं. बस कुछ हद तक सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता प्रभावित हुई थी.

चौथे दिन ठीक हुए
तीसरे दिन बुखार ठीक हो गया. सातवें दिन फिर से फीवर क्लीनिक में दोबारा टेस्ट कराया और 6 अप्रैल को उनकी टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई गयी. यानि वो स्वस्थ हो चुके थे. कोरोना की जंग वो जीत चुके थे. लेकिन संक्रमण से परिवार औऱ समाज को बचाना था इसलिए फिलहाल वो क्वारेंटीन हैं.

वैक्सीन ज़रूर लगवाएं
अपने अनुभव के आधार पर डॉ पुनीत टंडन कहते हैं कि टीका बनाने वालों ने कभी यह नहीं कहा कि टीके के बाद किसी को संक्रमण नहीं हो सकता. बल्कि उन्होंने कहा ये वैक्सीन कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचाएगी. लेकिन हमेशा कोविड गाइड लाइंस का पालन सभी को करना होगा. यानि मास्क, सोशल डिस्टेंस और बाकी सारा प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा. उन्होंने ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में हुए एस्ट्राजेनेका के थर्ड फेज़ ट्रायल्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गंभीर संक्रमण और मौतों को रोकने में वैक्सीन सौ फीसदी प्रभावी साबित हुई है. वैक्सीन लगने के बाद भी कोविड संक्रमण हो सकता है लेकिन संक्रमण का असर बेहद मामूली या सामान्य ही होगा. अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने सबसे अपील की है कि वैक्सीन ज़रूर लगवाएं क्योंकि ये आपको कोविड 19 के गंभीर लक्षणों से बचाएगी. लेकिन वैक्सीन लगवाने के बाद भी सतर्क रहें. मास्क लगाते रहें. सेनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेंस बनाए रखें.
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