BHOPAL : BJP के ये नेता आपके घर आकर करेंगे फर्ज़ी मतदाता की पहचान

भोपाल में बीजेपी के लोकल एमएलए और नेता घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान करेंगे.

भोपाल में बीजेपी के लोकल एमएलए और नेता घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान करेंगे.

Bhopal : बीजेपी (BJP) की इस पहल पर कांग्रेस को शक है. उसका कहना है बीजेपी फर्जी मतदाताओं के नाम के बहाने मूल मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश में है. कांग्रेस (Congress) पार्टी इसका विरोध करेगी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में विधान सभा चुनाव के समय बड़ा मुद्दा बन चुका फर्ज़ी मतदाता (Fake voters) का मुद्दा कहीं नगरीय निकाय चुनाव में भी मुश्किल न खड़ी कर दे. इसे भांप कर बीजेपी ने अभी से इस जिन्न से निपटने की तैयारी कर ली है.इसकी शुरुआत भोपाल से हो रही है.भोपाल में बीजेपी के लोकल एमएलए और नेता घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान करेंगे. जहां गड़बड़ी मिली उसकी शिकायत सीधे चुनाव आयोग से करेंगे.

इसी सिलसिले में बीजेपी की एक बड़ी बैठक भोपाल जिला कार्यालय में हुई. इसमें भोपाल के लोकल एमएलए और मंत्री सहित अन्य नेता शामिल हुए. प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, विधायक कृष्णा गौर, विष्णु खत्री, पूर्व महापौर आलोक शर्मा, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, भगवानदास सबनानी पहुंचे.बैठक में फैसला हुआ कि भोपाल शहर में फर्जी मतदाताओं की पहचान करके राज्य निर्वाचन आयोग को जानकारी दी जाएगी.

मतदाता सूची पर नज़र

बीजेपी विधायक कृष्णा गौर ने कहा निकाय चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं ने शिकायत की है कि बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी गलत तरीके से मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाएं गए हैं.ऐसे लोगों की पहचान करके उसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को दी जाएगी.
कांग्रेस को बीजेपी पर शक

कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा मतदाता सूची तैयार करने और फर्जी मतदाताओं की पहचान करने का काम चुनाव आयोग का है. बीजेपी फर्जी मतदाताओं के नाम के बहाने मूल मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कवायद में है. कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी.





राज्य निर्वाचन आयोग के जारी कार्यक्रम के तहत 15 फरवरी तक मतदाता सूची में संशोधन कराया जा सकता है. 3 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा. उसके बाद नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा. लेकिन उससे पहले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और हटाने के लिए राजनीतिक दल सक्रिय हैं.
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