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मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटना रोकेगा पुलिस का 'विजन जीरो' मंत्र...

MP में सड़क हादसे में सबसे ज़्यादा मौतें होती हैं.
MP में सड़क हादसे में सबसे ज़्यादा मौतें होती हैं.

मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटना (Road accidents) रोकने के लिए विजन जीरो का मंत्र पुलिस (Police) अधिकारी कर्मचारियों को दिया जा रहा है. इसके लिए उन्हें 6 दिन की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार और ट्रैफिक पुलिस अब रोड एक्सीडेंट्स (Accidents) रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी पर काम कर रही है. मध्य प्रदेश (MP) उन राज्यों में शामिल है जहां रोड एक्सीडेंट्स में मौत का आंकड़ा देश में सबसे ज़्यादा है.

मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए विजन जीरो का मंत्र पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को दिया जा रहा है. इसके लिए उन्हें 6 दिन की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है. पुलिस मानती है कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिये विजन जीरो पर काम करने की ज़रूरत है. इसे अमलीजामा पहनाने के लिये सभी का सहयोग ज़रूरी है. परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने यह बात ए रोडमेप टू रोड सेफ्टी : राइट्स एण्ड ड्यूटीज पर आयोजित 6 दिन की ऑनलाइन वर्कशॉप के दौरान कही. यह ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रदेश भर के पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को दी जा रही है.





ट्रैफिक रूल्स का पालन करें
परिवहन आयुक्त  मुकेश जैन ने "इम्पलीमेंटिंग विजन जीरो इन मध्यप्रदेश'' विषय पर बताया कि लक्ष्य हासिल करने के लिये सभी को मिलकर काम करना होगा. सड़क पर चलने वाले हर नागरिक को ट्रैफिक नियम का पालन करना होगा. रूल्स ऑफ रोड सेफ्टी के नियमों का बेहिचक सख्ती से पालन कराना होगा. नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार दंड भी दिया जाए.सभी एजेंसियों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाना होगी.

सब का सहयोग ज़रूरी
चेयरमैन, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी, जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने कहा- पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये मोटर-व्हीलकल एक्ट-1935 के नियमों का पालन कराएं.उन्होंने वर्कशॉप में शामिल सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वर्कशॉप में शामिल होने वाले फैकल्टी से बेबाकी से प्रश्न कर उनका समाधान करें. साथ ही वर्कशॉप से हासिल की गई जानकारी का उपयोग मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटना और उससे होने वाले नुकसान को रोकने में करें.

दुर्घटना रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का भी ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें. ओवर स्पीडिंग, शराब पीकर ड्रायविंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट लगाये वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई की जाए. इससे एक्सीडेंट रोकने में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है. ट्रैफिक रुल्स का ज़्यादा से ज़्यादा प्रचार किया जाए ताकि लोग गाड़ी आराम से चलाएं और अपनी और दूसरों की जान बचाएं.
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