शिवराज मंत्रिमंडल में किसकी लगेगी लॉटरी! दावेदारों की लंबी कतार, फिर चलेगा सिंधिया का सिक्का

शिवराज कैबिनेट में जगह पाने के लिए दावेदारों की लंबी सूची है.

बीजेपी (BJP) में मंत्री पद के दावेदारों की लंबी सूची है. इसके लिए मुख्यमंत्री की पार्टी हाईकमान से भी चर्चा हो चुकी है. यदि विधायकों का दबाव बढ़ा तो विस्तार से पहले सीएम शिवराज (Shivraj) कोई चौंकाने वाला फैसला भी ले सकते हैं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) में विधान सभा की 28 सीटों के लिए हुए उपचुनाव (By Election) के बाद अब शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार का समय है. लंबे समय से जारी कयासों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है.सब कुछ ठीक रहा तो 3 जनवरी को शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा. हालांकि उपचुनाव के बाद हो रहे इस विस्तार में किसकी लॉटरी लगेगी इस पर अभी अटकलें जारी हैं.

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराज फिलहाल अपने मंत्रिमंडल का ज्यादा विस्तार नहीं करना चाहते. फिलहाल वो दो ही चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह देने वाले हैं.खबर इस बात को लेकर है कि उप चुनाव में जीत कर आए सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत और तुलसीराम सिलावट को ही मंत्रिमंडल में दोबारा मंत्री बनाया जाएगा. इसके अलावा कोई और चेहरा मंत्रिमंडल में जगह बनाएगा ऐसा मुश्किल नजर आ रहा है.

नाराज़गी का जोख़िम नहीं लेना चाहते शिवराज
सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री शिवराज पार्टी हाईकमान की हरी झंडी के बाद मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत और तुलसीराम सिलावट को शामिल करने की तैयारी में हैं. लेकिन इसके अलावा बीजेपी के पुराने और दावेदार विधायकों में से किसी की लॉटरी लगेगी, यह मुश्किल नजर आ रहा है.क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज नगरीय निकाय चुनाव से पहले किसी और विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल कर बाकी को नाराज़ करने का जोखिम नहीं मोल लेना चाहते हैं. नगरीय निकाय चुनाव के बाद होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में नेताओं के दमखम का आंकलन कर उन्हें जगह दी जाएगी.

राव-सिंधिया-शिवराज में सहमति
खबर ये भी है कि बीते दिनों भोपाल में पार्टी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव की मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात और सिंधिया के साथ हुई चर्चा में इसी बात पर सहमति बनी है कि फिलहाल मंत्रिमंडल का ज़्यादा विस्तार नहीं किया जाए.इसलिए अभी मंत्रिमंडल में दो ही मंत्रियों को शामिल करने की तैयारी है. सिंधिया समर्थक मंत्री इमरती देवी सिंह, एदल कंसाना, गिर्राज दंडोतिया का कार्यकाल 2 जनवरी को खत्म हो रहा है. उसके बाद मंत्रिमंडल में विस्तार की गुंजाइश ज्यादा हो जाएगी. मुख्यमंत्री शिवराज मंत्रिमंडल का जंबो आकार छोटा करने के मूड में हैं.यही कारण है दो ही विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी.

दावेदारों की भीड़
दरअसल शिवराज मंत्रिमंडल में जगह की उम्मीद लगाए बैठे दावेदारों की सूची लंबी है. विंध्य इलाके से गिरीश गौतम, के एन शुक्ला, राजेंद्र शुक्ला के अलावा पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, गौरीशंकर बिसेन, पारस जैन, संजय पाठक समेत कई विधायक अपनी दावेदारी जता रहे हैं. लेकिन सीएम शिवराज नगरीय निकाय चुनाव से पहले किसी को खुश और किसी को नाराज़ करने का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं. यही कारण है कि विवाद से बचने के लिए अभी सिर्फ सिंधिया समर्थक राजपूत और सिलावट को मंत्री बनाया जाएगा.

अगर ऐसा हुआ तो...
मंत्रिमंडल विस्तार में शिवराज संतुलन साधने के लिए चौंकाने वाला फैसला भी कर सकते हैं. बीजेपी में मंत्री पद के दावेदारों की लंबी सूची है. इसके लिए मुख्यमंत्री की पार्टी हाईकमान से भी चर्चा हो चुकी है. यदि विधायकों का दबाव बढ़ा तो विस्तार से पहले सीएम शिवराज कोई चौंकाने वाला फैसला भी ले सकते हैं.

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