मध्य प्रदेश में क्या अब जाति के आधार पर बनेगी पुलिस कंपनी? PHQ के आदेश पर उठे सवाल

PHQ से जारी आदेश में बालाघाट और छिंदवाड़ा से जानकारी मांगी गयी है.

PHQ से जारी आदेश में बालाघाट और छिंदवाड़ा से जानकारी मांगी गयी है.

Bhopal News: पुलिस अधिकारियों को भेजे इस पत्र में जानकारी मांगी गई है कि जिले की कुल जनसंख्या कितनी है और वहां एससी-एसटी वर्ग की जनसंख्या का प्रतिशत क्या है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) का एक विवादित आदेश सामने आया है. इस आदेश में जाति के आधार पर पुलिस कंपनी का गठन करने की बात कही गई है. एसटी, एससी और महिलाओं के लिए अलग-अलग पुलिस कंपनी बनाई जाएगी. कंपनी बनाने के लिए मुख्यालय ने पुलिस अधीक्षकों और कमांडेंट से जानकारी मांगी है.

इन अलग-अलग तीन पुलिस कंपनियों के लिए पुलिस मुख्यालय ने बालाघाट, मंडला के एसपी और कमांडेंट को चिट्ठी लिखी है. इसमें जिले की कुल जनसंख्या, एससी-एसटी वर्ग की जनसंख्या का प्रतिशत, स्वीकृत-उपलब्ध बल, एसटी-एससी वर्ग के बल की जानकारी मांगी गई है.

PHQ पर के आदेश पर उठ रहे सवाल

अब इस आदेश का क्या मतलब निकाला जाए. क्या पुलिस कंपनियां किसी जाति विशेष के आधार पर बनती हैं? इस तरह के अब कई सवाल पुलिस मुख्यालय पर खड़े होने लगे हैं. यह आदेश पुलिस मुख्यालय की योजना ब्रांच ने जारी किया है. शाखा के एआईजी मनोज कुमार सिंह ने कुछ दिन पहले बालाघाट और मंडला जिले के पुलिस अधीक्षक के साथ वहां की एसएएफ बटालियन के कमांडेंट को ये पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने जानकारी दी है कि शासन बालाघाट और मंडला जिले में एसटी, एससी और महिलाओं के लिए अलग से कंपनियों का गठन करने पर विचार कर रहा है. इसके लिए कुछ जानकारी की आवश्यकता है.


मांगी गई अहम जानकारी

पुलिस अधिकारियों को भेजे इस पत्र में जानकारी मांगी गई है कि जिले की कुल जनसंख्या कितनी है. वहां एससी वर्ग और एसटी वर्ग की जनसंख्या का प्रतिशत क्या है? वहां स्वीकृत बल कितना है? उपलब्ध बल कितना है? एसटी और एससी वर्ग का बल कितना है? पत्र में यह कहा गया है कि जानकारी तत्काल भेजी जाए.

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