हाइटेक एमपी पुलिस को आज भी मिलता है साइकिल भत्ता

1956 में जब मध्य प्रदेश राज्य का गठन किया गया था तब पुलिसिंग के लिये साइकिल का इस्तेमाल आम था. उस वक्त पुलिसकर्मियों को साइकिल भत्ता दिया जाता था. बदलते दौर में प्रदेश की आबादी, थानों की संख्या और अपराध का तरीका भी पूरी तरह बदल चुका है, लेकिन साइकिल भत्ता अभी भी जारी है.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 29, 2018, 2:02 PM IST
हाइटेक एमपी पुलिस को आज भी मिलता है साइकिल भत्ता
मध्य प्रदेश पुलिस
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 29, 2018, 2:02 PM IST
 

क्या आपने किसी पुलिस अधिकारी को साइकिल पर ड्यूटी करते देखा है? शायद नहीं. लेकिन आपको जानकर ताज्जुब होगा की मध्य प्रदेश में आज भी पुलिस को साइकिल के मेटेंनेंस के लिये साइकिल भत्ता दिया जाता है. मध्य प्रदेश में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मी विभाग से 200 रुपए का साइकिल भत्ता पाते हैं.



दरअसल,  1956 में जब मध्य प्रदेश राज्य का गठन किया गया था तब पुलिसिंग के लिये साइकिल का इस्तेमाल आम था. उस वक्त पुलिसकर्मियों को साइकिल भत्ता दिया जाता था. बदलते दौर में प्रदेश की आबादी, थानों की संख्या और अपराध का तरीका भी पूरी तरह बदल चुका है, लेकिन साइकिल भत्ता अभी भी जारी है.

दूसरे राज्यों में साइकिल भत्ते की जगह पेट्रोल एलाउंस ने ले ली है. मध्य प्रदेश में भी पुलिस मुख्यालय कई बार साइकिल भत्ते की जगह पेट्रोल अलाउंस दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेज चुका है, लेकिन अब तक अंग्रेजों के जमाने के इस नियम को बदलने में किसी ने रुचि नहीं दिखाई है. प्रदेश के सेवानिवृत पुलिस अधिकारी अरुण गूर्टू इस संबंध में बदलाव कर पेट्रोल अलाउंस दिए जाने को जरूरी मानते हैं.

रफ्तार और तकनीक के इस युग में पुलिस नई और आधुनिक गाड़ियां इस्तेमाल कर रही है. इंटरनेट के इस युग में पुलिस को साइबर क्राइम से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है. ऐसे में हाईटेक हो रही पुलिस को साइकिल भत्ता दिया जाने एक तरह का मजाक है.
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