Mission Paani: ओवरफ्लो हुआ बड़ा तालाब, भदभदा डैम से अब तक बहाया गया इतना पानी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नदी नाले सब उफान पर हैं और इसी के चलते कई बार डैम के गेट खोलने पड़े हैं.

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 28, 2019, 2:10 PM IST
Mission Paani: ओवरफ्लो हुआ बड़ा तालाब, भदभदा डैम से अब तक बहाया गया इतना पानी
दो साल बाद ओवरफ्लो हुआ बड़ा तालाब, भदभदा डैम से अब तक बहाया 1481 एमसीएफटी पानी
Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 28, 2019, 2:10 PM IST
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में इन दिनों लगातार हो रही भारी बारिश (Heavy rain) के बीच नदी नाले सब उफान पर हैं. इसके चलते कई बार डैम (Dam) के गेट खोलने पड़े हैं. पानी के रूप में आम लोग जिस राहत की उम्मीद कर रहे थे, अब वह आफत नज़र आने लगी है. इन सबके बीच प्रशासन को करोड़ों लीटर पानी यूं ही बेकार बहाने को मजबूर होना पड़ा है.

लगातार बारिश के चलते बड़ा तालाब हुआ लबालब

एक समय ऐसा था कि राजधानी भोपाल की लाइफलाइन कहा जाने वाला बड़ा तालाब बूंद-बूंद पानी को तरस रहा था और गर्मियों में जिस बड़े तालाब (Pond) के बीचों -बीच लोग सैर सपाटे के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे. वही बड़ा तालाब अब मॉनसून आते ही पानी से लबालब हो गया है. इंद्रदेवता कुछ इस कदर मेहरबान हुए कि बड़ा तालाब अपने फुल टैंक लेवल (Full tank level) को भी पार कर गया. नतीजा ये हुआ कि बड़ा तालाब को खाली करने के लिए भदभदा डैम (Bhadbada Dam) के गेट बार-बार खोलने पड़ रहे हैं.

तेज बारिश के कारण बड़ा तालाब हुआ लबालब
तेज बारिश के कारण बड़ा तालाब पानी से हुआ लबालब


तालाब को खाली करने के लिए बहाया 1481 एमसीएफटी पानी

राजधानी भोपाल में अब तक 120 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है. बारिश की वजह से अगस्त महीने में ही भदभदा डैम के गेट 11 बार खोले जा चुके हैं, जिसके चलते बड़ा तालाब पानी से पूरी तरह से लबालब हो गया था. बड़ा तालाब को खाली करने के लिए भदभदा डैम से अब तक 1481 एमसीएफटी पानी बहाया जा चुका है, जबकि बीते साल पूरे मॉनसून सीजन में ही बड़े तालाब में 1400 एमसीएफटी पानी भरा जा सका था.

स्टॉप डैम बनाकर पानी को किया जा सकता था स्टोर
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बड़े तालाब का फुल टैंक लेवल 3600 एमसीएफटी पानी होता है. इतना पानी 6 लाख लोगों के लिए सालभर की पानी की जरुरत को पूरा कर सकता है. ऐसे में 1481 एमसीएफटी पानी बहाने का मतलब बड़े तालाब के एक तिहाई हिस्से को खाली करने के बराबर है अगर इतना पानी सहेज पाते तो 2 लाख लोगों के लिए सालभर पानी की जरुरत का इंतजाम हो सकता था.

क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

वैसे ऐसा नहीं है कि पानी सहेजने के लिए इससे पहले पहल नहीं की गई है. दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) ने नदी जोड़ो योजना का सपना देखा था लेकिन ये योजना परवान नहीं चढ़ सकी. शहरों में वॉटर हार्वेस्टिंग (Water harvesting) को लेकर स्थानीय प्रशासन नियम कायदों का हवाला देता रहता है.

भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथौड़े का कहना है कि बड़ा तालाब को संरक्षित करना हम सबका दायित्व है. इसके संरक्षण के लिए हम अलग अलग तरीके से काम कर रहे हैं.

भूवैज्ञानिक विनोद कुमार पाराशर का कहना है कि डैम के जरिए जो पानी बहाया जाता है उसे सहेजने के कई उपाय किए जा सकते हैं. पानी जिस रास्ते से बहकर नदी और फिर सागर में जाकर अनुपयोगी हो जाता है उसे बीच बीच में स्टॉप डैम बनाकर सहेजा जा सकता है. छोटी छोटी नदियों के पानी को कैनाल के ज़रिए भी सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

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First published: August 28, 2019, 1:59 PM IST
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