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Exclusive : एमपी में बना आतंकी संगठनों का महागठबंधन, देश को दहलाने की थी साजिश

PFI के आरोपी सदस्यों के परिवार, रिश्तेदार की कुंडली तैयार की है. इनकी पीएफआई से कनेक्शन की जांच हो रही है.

PFI के आरोपी सदस्यों के परिवार, रिश्तेदार की कुंडली तैयार की है. इनकी पीएफआई से कनेक्शन की जांच हो रही है.

Big News. मध्यप्रदेश में पीएफआई मामले में जांच के बाद कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को पत ...अधिक पढ़ें

भोपाल. आतंकी संगठनों के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है. मध्य प्रदेश में आतंकी संगठनों का महागठबंधन बन गया है. इन संगठनों के आतंकी एक दूसरे के लिए काम कर रहे हैं. प्रदेश में बैठकर देश को दहलाने की साजिश है. इस खुफिया इनपुट के बाद देश प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं. एमपी एटीएस और एनआईए प्रदेश में फैले आतंकी संगठनों के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है. दस अलग-अलग एंगल पर इसकी जांच की जा रही है. पीएफआई के बाद आतंकी संगठनों के आपसी तालमेल का ये अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है. भोपाल से देखिए मनोज राठौर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट.

मध्यप्रदेश में पीएफआई मामले में जांच के बाद कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को पता चला है कि प्रदेश में आतंकी संगठनों का महागठबंधन बन गया है. सिमी आतंकी संगठन पर सालों पहले प्रतिबंध के बाद जेएमबी, सूफा, आईएसआई, तहरीक ए पाकिस्तान, आईएसआईएस, अलकायदा समेत कई कट्टरपंथी विचारधारा वाले आतंकी संगठन सक्रिय हैं. सिमी के सदस्य भी तमाम संगठनों को मजबूत करने में मदद कर रहा था.

भोपाल से जुड़े अलकायदा के तार
सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में जेएमबी के आतंकी अलकायदा के लिए काम कर रहे हैं. भोपाल सेंट्रल जेल में बंद दो जेएमबी के आतंकियों को अलकायदा से कनेक्शन होने की वजह से कोलकाता एसटीएफ अपने साथ प्रोटेक्शन वारंट पर ले गई है. अलकायदा के आतंकी जेएमबी के लिए काम कर रहे हैं. सिमी आतंकी प्रतिबंधित पीएफआई के लिए काम कर रहे हैं. सूफा़ आतंकी संगठन भी आईएसआईएस संगठन से प्रभावित है. आतंकियों के आपसी गठबंधन और तालमेल ने जांच एजेंसियों की नींद उड़ा कर रख दी है. सिमी के बाद एकजुट होकर मध्यप्रदेश में नेटवर्क को आतंकी संगठन मजबूत कर रहे हैं. पीएफआई मामले की एटीएस और जेएमबी मामले की जांच एनआईए कर रही है.

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मास्टर प्लान का खुलासा…
एमपी में पीएफआई के नेटवर्क के मास्टर प्लान का खुलासा हुआ है. सूत्रों ने बताया कि पीएफआई सहित दूसरे आतंकी संगठन कोर मेंबर बनाने के बाद ही मिशन का खुलासा करते थे. तीन चरण में कोर मेंबर बनाया जाता था. सोशल मीडिया प्लेटफार्म से शुरू होकर फिजिकल यानी मुलाकात तक की ये पूरी प्रक्रिया होती थी. पीएफआई की सोशल मीडिया टीम सबसे पहले बड़े पैमाने पर लोगों को एक साथ मैसेज भेजते थे. इस मैसेज में खुलकर कट्टरपंथी विचारधारा को लिखा जाता था.

-दूसरे चरण में जो भी लोग मैसेज पर प्रतिक्रिया देते, उन्हें सोशल मीडिया पर संपर्क किया जाता और उनसे बातचीत की जाती. संपर्क में आए लोगों को धर्म या जिहाद से संबंधित बातें पोस्ट की जातीं. जो युवा इस कंटेंट से जुड़ जाते उन्हें  तीसरे चरण में फिजिकल रूप से मुलाकात करके कोर मेंबर बनाया जाता. मेंबर बनाने के बाद पीएफआई अपने मिशन के बारे में जानकारी और जिम्मेदारी मिलती थी.

खानदान’ की कुंडली
ATS ने ‘खानदान’ की कुंडली तैयार की है. PFI के आरोपी सदस्यों के परिवार, रिश्तेदार की कुंडली तैयार की है. इनकी पीएफआई से कनेक्शन की जांच हो रही है. बैंक डिटेल, मोबाइल फोन की पड़ताल लगातार जारी है. मामले में जांच का दायरा भी बढ़ गया है. एमपी एटीएस की अलग-अलग स्पेशल टीम टेरर फंडिंग, नेटवर्क, बैंक अकाउंट, मोबाइल कॉल डिटेल, स्लीपर सेल, जिहादी गतिविधियां समेत 10 से ज्यादा एंगल पर जांच कर रही हैं. इंदौर, उज्जैन, भोपाल सहित 8 जिलों से PFI से जुड़े 25 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी. गिरफ्त में आए 25 आरोपियों से संपर्क में आए संदिग्ध लोगों की सूची भी बनाई है. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से कई अहम सबूत हाथ लगे हैं. आने वाले वक्त में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. साथ ही आने वाले समय में और भी गिरफ्तारी संभव हैं.

Tags: Madhya pradesh latest news, PFI, SIMI, Terrorism In India

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