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Bina-Kota Railway Doubling Project ने पकड़ी रफ्तार, 130 की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेनें, जानें- डिटेल

Bina-Kota Railway Doubling Project ने पकड़ी रफ्तार, 130 की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेनें, जानें- डिटेल

बीना-कोटा रेल लाइन दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी.

बीना-कोटा रेल लाइन दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी.

Bina-Kota Railway Doubling Project Latest News: मध्य प्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाली बीना-कोटा रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना (Bina Kota Railway Doubling project) के तहत चल रहे काम ने रफ्तार पकड़ ली है. बीना-कंजिया खंड की 20 किलोमीटर की रेलवे लाइन कर काम पूरा कर लिया गया है. 23-24 दिसंबर से इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू होने की संभावना है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बीना-कोटा रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना (Bina Kota Railway Doubling project) के तहत चल रहे काम में तेजी आ गई है. अब बीना-कंजिया खंड की 20 किलोमीटर की रेलवे लाइन को काम भी पूरा कर लिया गया है. 11 दिसम्बर से प्री नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य सेमरखेड़ी स्टेशन पर शुरू हो गया है. इस प्री- इंटरलॉकिंग के कार्य में 5 घंटे का मेगा ब्लॉक दिया गया था. इसमें सात-आठ टीमों ने जगह-जगह में मेन लाइन में सभी तरह के कार्यों को पूरी प्लानिंग के साथ शुरू किया गया. इसके चहले ही काम में तेजी आ सकी है.

अब प्रति दिन इसी तरह से अगले 10 दिनों तक लगातार कार्य करते हुए बीना-कंजिया खंड के सभी स्टेशनों बीना, महादेव खेड़ी, सेमरखेड़ी और कंजिया में कार्य पूरा करते हुए 23/24 दिसंबर को इस खंड का दोहरीकरण करके रेल परिचालन के लिए खुलने की संभावना है. बीना-कंजिया रेलखंड (19. 871 किलोमीटर) पर बीना, महादेवखेड़ी, सेमरखेड़ी, कंजिया आते हैं. इस खंड पर कुल 16  ब्रिज आते हैं, जिसमें माइनर ब्रिज 12 , मेजर ब्रिज 01 आरयूबी 03 हैं.

2 साल में बीना-कोटा रेलवे लाइन का विकास
-सबसे पहले दिसंबर 2019 में अशोकनगर-पीली घटा खंड के 25 किलोमीटर में दोहरीकरण का कार्य पूरा किया गया था। कार्य की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी थी और खंड को सीधे 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से रेल संरक्षा आयुक्त स्वीकृति दी गई थी. इसके बाद अशोकनगर-गुना खण्ड का कार्य तीव्र गति से चलता रहा. दिसंबर 2020 में गुना-पीली घटा खंड के दोहरीकरण का कार्य समाप्त करते हुए इस खंड को भी परिचालन के लिए खोल दिया गया.
-कोविड-19 की दूसरी लहर के आने के दौरान भी सभी सावधानियों के साथ अशोकनगर-गुना खंड में कार्य को चालू रखा गया. निरंतर किये गए कार्यों के कारण मार्च 2021 में बीना-कंजिया 20 किलोमीटर का कार्य लगभग पूरा कर इंजन ट्रायल 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से किया गया था. फिर अशोकनगर-ओर (15 किलोमीटर) खंड में भी 25 मार्च को कार्य पूरा करते हुए इंजन ट्रायल 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से करवा करके खंड को परिचालन के लिए खुलने के क्रम में अंतिम चरण की तैयारी शुरू कर दी गई थी.
-माह जून 2021 में अशोकनगर- ओर खंड का नॉन इंटरलॉकिंग के कार्य को जुलाई में पूरा करते हुए रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से इस खंड को दोहरीकरण के लिए खोलने का आदेश दिया गया और कार्य की गुणवत्ता से बहुत ही प्रभावित हुए थे और बहुत ही तारीफ की थी.
-अशोकनगर- पीली घटा 25.7 किलोमीटर दिसंबर 2019, पीली घटा -गुना 19.5 किलोमीटर दिसंबर 2020, अशोकनगर-ओर 13 किलोमीटर जुलाई 2021, बीना-कंजिया 20 किलोमीटर दिसंबर 2021, इस प्रकार बीना-गुना 120 किलोमीटर के खंड में से 78 किलोमीटर के दोहरीकरण का कार्य दिसंबर 2019 से दिसंबर 2021 के बीच मात्र 2 वर्ष के अंदर पूरा हो जाएगा और संभावना है कि बचे हुए ओर- कंजिया  (42 किलोमीटर)  खंड का कार्य भी लगभग समाप्त हो चुका है. वहां पर भी इंजन ट्रायल करने की तैयारी चल रही है और अगले माह तक वहां भी इंजन ट्रायल पूरा होने की संभावना है.

Tags: Bhopal news, Indian Railways, Irctc, Kota news, Madhya pradesh news

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