अपना शहर चुनें

States

Bird Flu: MP के 32 जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि, संक्रमित पक्षियों को दफनाया जा रहा

विभिन्न जिलों से 453 नमूने राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला, भोपाल को जांच के लिये भेजे जा चुके हैं. (सांकेतिक फोटो)
विभिन्न जिलों से 453 नमूने राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला, भोपाल को जांच के लिये भेजे जा चुके हैं. (सांकेतिक फोटो)

Bird Flu in MP: मध्‍य प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल (Prem Singh Patel) ने बताया कि झाबुआ, हरदा और मंदसौर में पॉल्‍ट्री फार्म में वायरस मिलने से मुर्गे-मुर्गियों को मार कर दफनाने और भारत शासन द्वारा जारी परामर्श के अनुसार कार्रवाई की गई है.

  • Last Updated: January 21, 2021, 12:48 AM IST
  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के तीन जिलों के कुक्कुट फार्म (Poultry Farm) सहित 32 जिलों में कौओं एवं जंगली पक्षियों के नमूनों में मंगलवार तक बर्ड फ्लू का संक्रमण पाए जाने की पुष्टि हुई है. प्रदेश में 26 दिसंबर से अब तक करीब 3,890 कौओं एवं जंगली पक्षियों की मौत हुई है. मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के अनुसार, प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने बर्ड फ्लू से अप्रभावित जिलों को सावधानी और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने कहा, 'प्रदेश में कौओं की मृत्यु से आरंभ हुआ बर्ड फ्लू (Bird Flu) राज्य के तीन जिलों के पॉल्‍ट्री फार्म सहित 32 जिलों में पहुंच चुका है.'

प्रेम सिंह पटेल ने बताया कि झाबुआ, हरदा और मंदसौर में कुक्कुट फार्म में वायरस मिलने से मुर्गे-मुर्गियों को मार कर दफनाने और भारत शासन द्वारा जारी परामर्श के अनुसार कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि इन तीन जिलों के अलावा 29 अन्य जिलों – इंदौर, आगर मालवा, नीमच, देवास, उज्जैन, खण्डवा, खरगोन, गुना, शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, दतिया, अशोकनगर, बड़वानी, भोपाल, होशंगाबाद, बुरहानपुर, छिन्दवाड़ा, डिण्डोरी, मण्डला, सागर, धार, सतना, पन्ना, बालाघाट, श्योपुर, छतरपुर और रायसेन में कौओं एवं जंगली पक्षियों में बर्ड फ्लू पाया गया है.





प्रदेश के पशुपालन मंत्री ने अप्रभावित जिलों के कुक्कुट फार्म व्यवसाइयों से अपील की है कि वे पूर्ण सतर्कता बरतें. पक्षियों अथवा मुर्गियों में अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना मिलते ही तत्काल अपने जिले के नियंत्रण-कक्ष को सूचित करें. उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ के बचाव और रोकथाम नियंत्रण का भरपूर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश देते हुए कहा कि जलाशयों एवं अभयारण्यों पर भी निगरानी रखें. आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिये आवश्यक पीपीई किट्स, उपकरण, दवाइयों का स्टॉक आदि तैयारियां चाक-चौबंद रखें. पटेल ने बताया कि प्रदेश में अब तक 3,890 कौओं और जंगली पक्षियों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हो चुकी है. विभिन्न जिलों से 453 नमूने राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला, भोपाल को जांच के लिये भेजे जा चुके हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज