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इस रिपोर्ट के बाद बीजेपी ने कमल नाथ से उनके सभी पदों से इस्तीफा मांग लिया 

कमलनाथ (PTI)
कमलनाथ (PTI)

लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले एमपी में पड़े इनकम टैक्स छापे (Income tax raid) में राजनीतिक हवाला कांड सामने आया है. इस मामले में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीडीटी की रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को सभी तत्कालीन मंत्रियों और अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है.

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भोपाल.2019 के लोकसभा चुनाव (Lok sabha) से ठीक पहले एमपी में पड़े इनकम टैक्स छापे में  राजनीतिक हवाला कांड सामने आने के बाद बीजेपी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ का इस्तीफा मांग लिया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने कमल नाथ पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को कमल नाथ का चुनाव शून्य घोषित कर देना चाहिए.

वी डी शर्मा के मुताबिक CBDT की जांच में साफ हो गया है कि तत्कालीन सीएम कमल नाथ ने अधिकारियों का इस्तेमाल पैसों की उगाही के लिए किया. इससे यह भी साबित हो गया है कि किस तरह कमल नाथ ने धन बल का इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए किया था. उन्होंने कमल नाथ और उनके सिपहसालार प्रवीण कक्कड़ और राजेंद्र मिगलानी पर FIR की मांग की है. वी डी शर्मा का कहना है कि कमल नाथ को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देकर माफी मांगना चाहिए.

सीएम ने क्या कहा ?
उधर इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग से अधिकृत जानकारी अभी तक उनके पास नहीं आयी है.जैसे ही डिटेल जानकारी आएगी, तथ्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.इसमें जो दोषी हैं वो कोई भी हों उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. सीएम के मुताबिक हम तो पहले ही कहते थे क्या क्या हुआ है. एमपी को दलालों का अड्डा बना दिया गया था. पैसे लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग हो रही थी. मैंने अपने ऑफिस को कहा है इसकी पूरी डिटेल मुझे दें. अधिकृत जानकारी आने के बाद हम कार्रवाई करेंगे.



क्या है मामला ?
लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले एमपी में पड़े इनकम टैक्स छापे में राजनीतिक हवाला कांड सामने आया है. इस मामले में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीडीटी की रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को सभी तत्कालीन मंत्रियों और अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है. इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के कई करीबियों समेत कांग्रेस के कई तत्कालीन मंत्रियों, मप्र के आईएएस और आईपीएस अफसरों के नाम भी सामने आ रहे हैं. आयकर अधिनियम 1961 की धारा 132 के तहत आयकर नियमों के खिलाफ मामला पाया गया है. यह मामला बड़े पैमाने पर नगदी के लेन-देन और ट्रांजेक्शन का है.
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