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    MP: उपचुनाव के अगले ही दिन BJP ने शेजवार पिता-पुत्र समेत 3 नेताओं को थमाया नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

    मध्य प्रदेश बीजेपी ने अपनी तीन बागी नेताओं को नोटिस भेजा है.
    मध्य प्रदेश बीजेपी ने अपनी तीन बागी नेताओं को नोटिस भेजा है.

    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By election) के दूसरे दिन ही BJP ने पार्टी के तीन बागी नेताओं को नोटिस थमाया है. पार्टी ने इन नेताओं से सात दिनों के अंदर जवाब देने के लिए कहा है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 5, 2020, 2:53 PM IST
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    भोपाल.  भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उपचुनाव (By election) के लिए वोटिंग खत्म होने के अगले ही दिन पार्टी के तीन बागी नेताओं को नोटिस थमाकर कारण बताने के लिए कहा है. यह नोटिस पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार, उनके बेटे मुदित शेजवार और पूर्व विधायक गजराज सिंह सिकरवार को थमाया गया है.

    बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी नोटिस में तीनों नेताओं को अनुशासन के दायरे में रहते हुये जवाब पेश करने के लिए 7 दिन का वक्त दिया गया है. सात दिन के भीतर इनकी ओर से जवाब न देने या फिर जवाब संतोषजनक नहीं होने पर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है.

    बता दें कि गौरीशंकर शेजवार और उनके बेटे मुदित शेजवार पर सांची विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी प्रभु राम चौधरी के समर्थन में काम न करने के आरोप लगे थे. दोनों को उपचुनाव से ठीक पहले बीजेपी प्रदेश मुख्यालय भी तलब किया गया था. गजराज सिंह सिकरवार सतीश सिकरवार के पिता हैं. सतीश ने उपचुनाव से पहले पार्टी बदल कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी और ग्वालियर (पूर्व) से चुनाव लड़ा है. इनके पिता गजराज सिंह पर पार्टी के खिलाफ काम करने के आरोप लगे थे, जिसे अनुशासनहीनता माना गया है.



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    पूर्व विधायक सत्यपाल हो चुके हैं निष्कासित
    इन तीन नेताओं को नोटिस जारी करने से पहले बीजेपी उपचुनाव के ठीक एक दिन पहले पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार पर भी कार्रवाई कर चुकी है. सत्यपाल सिंह सिकरवार को उपचुनाव से ठीक पहले पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते निष्कासित कर दिया था. सत्यपाल सिकरवार सतीश सिकरवार के भाई हैं और सुमावली से विधायक रह चुके हैं. इन्होंने भी उपचुनाव के दौरान बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में दिए गए काम को नहीं किया था, यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष की ओर से उन्हें निष्कासित कर दिया गया.



    भारी पड़ सकती है नाराज़गी
    बीजेपी की ओर से इन नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई से यह बात स्‍पष्‍ट हो गई कि इनको लेकर नाराजगी की चल रहीं खबरें पुख्ता थीं. ऐसे में अब उपचुनाव हो चुके हैं और अगर इन नेताओं ने पार्टी के खिलाफ काम किया तो यह नाराजगी बीजेपी को भारी भी पड़ सकती है. आपको बता दें कि 28 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में 3 नवंबर को वोट डाले गए. इनके नतीजे 10 नवंबर को सामने आएंगे.
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