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प्रह्लाद लोधी पर BJP की 'राजभवन' दौड़, एक साथ दिखे प्रदेश अध्‍यक्ष राकेश और पूर्व CM शिवराज

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 13, 2019, 4:00 PM IST
प्रह्लाद लोधी पर BJP की 'राजभवन' दौड़, एक साथ दिखे प्रदेश अध्‍यक्ष राकेश और पूर्व CM शिवराज
विधायक प्रह्लाद लोधी के मामले में राज्‍यपाल से मिले भाजपा नेता.

विधायक प्रह्लाद लोधी ( MLA Prahlad Lodhi) की सदस्यता के मामले में बीजेपी (BJP) एक्‍शन में है. आज बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल लालजी टंडन (Governor Lalji Tandon) से दखल की मांग की है. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh), शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan), नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे.

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भोपाल. पवई सीट से भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी (BJP MLA Prahlad Lodhi) की सदस्यता के मामले में बीजेपी ने अब राज्यपाल लालजी टंडन (Governor Lalji Tandon) से दखल की मांग की है. बीजेपी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज करीब 12 बजे राजभवन पहुंचा और राज्यपाल से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रह्लाद लोधी भी खुद मौजूद रहे. बीजेपी ने राज्यपाल को पूरे मामले की जानकारी देते हुए मांग की है कि वो इस मामले में दखल दें, क्योंकि स्पीकर लोधी के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं. बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (Rakesh Singh), पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan), नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ( Gopal Bhargava) और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा शामिल रहे.

भाजपा अध्‍यक्ष ने कही ये बात
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष राकेश सिंह और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्पीकर ने इस मामले में अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर काम किया है और जिस तरह की तेजी उन्होंने प्रह्लाद लोधी की सदस्यता को खत्‍म करने में दिखाई वैसी अब उनकी बहाली में नहीं दिखा रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने तो यहां तक आरोप लगाया है कि जब से प्रह्लाद लोधी को हाईकोर्ट से सजा पर स्टे मिला है, तब से स्पीकर एनपी प्रजापति उनसे मुलाकात ही नहीं कर रहे हैं. जबकि प्रह्लाद लोधी ने कहा है कि कांग्रेस के लोग उनकी राजनीतिक हत्या की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि प्रह्लाद लोधी के मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है.

प्रतिनिधिमंडल ये लोग थे शामिल

राजभवन जाने से पहले बीजेपी नेता प्रदेश मुख्यालय में इकट्ठा हुए और वहां से एक साथ राजभवन की ओर रवाना हुए. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा एक ही गाड़ी में बैठकर राजभवन पहुंचे. जबकि नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और खुद प्रह्लाद लोधी अलग अलग गाड़ियों में सवार होकर राजभवन पहुंचे. बीजेपी नेताओं के राजभवन पहुंचने की खबर को देखते हुए राजभवन में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया था. ये सभी नेता ठीक 12 बजे राजभवन पहुंचे. मजेदार बात है कि राकेश सिंह और शिवराज सिंह चौहान काफी समय बाद एक साथ नजर आए. आपको बता दें कि कांग्रेस भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष और पूर्व सीएम पर अपना-अपना राग अलापने का आरोप लगाती रही है.

कानून मंत्री ये बोले
एक तरफ जहां बीजेपी के नेता प्रह्लाद लोधी के मामले में राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर दखल देने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है. मध्य प्रदेश सरकार के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने न्यूज़ 18 से खास बातचीत में कहा है कि आज की तारीख में प्रह्लाद लोधी पूर्व विधायक हैं और स्पीकर ने उनके बारे में जो भी फैसला लिया था वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिप्रेक्ष्य में लिया था. बीजेपी के लोग इस मामले में कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं.
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नेता प्रतिपक्ष ने लगाए ये आरोप
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि लोधी की सदस्यता का मामला साफ है. विशेष कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई थी. हाईकोर्ट ने उस सजा पर स्टे कर दिया जिससे निचली कोर्ट के सभी फैसले अमान्य हो गए. फिर भी स्पीकर फैसला नहीं ले रहे. मैं तो स्पीकर को काफी दिन से खोज रहा हूं वो मिल नहीं रहे जहां भी मिलेंगे वहां उनसे मिलने जाऊंगा.

पूर्व संसदीय कार्यमंत्री की ये है राय
पूर्व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि प्रह्लाद लोधी आज भी विधायक हैं और आगे भी रहेंगे. हमने अपनी बात राज्यपाल के सामने रखी है. विधानसभा स्पीकर को सदस्यता पर फैसला लेने का अधिकार नहीं है, उन्होंने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर फैसला लिया है. इसलिए हमने इस मामले में राज्यपाल महोदय से दखल की मांग की है.

कोर्ट के भरोसे प्रह्लाद
तहसीलदार के साथ मारपीट और बलवे के मामले में राजधानी की विशेष कोर्ट ने प्रह्लाद लोधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने उनकी सदस्यता को खत्‍म कर दी. इसके पीछे दि रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट 1951 की धारा 8 (3) का हवाला दिया गया, जिसमें ये स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे ज्यादा सजा का फैसला होता है तो वह अयोग्य करार दे दिया जाएगा. दो साल की सजा के फैसले के खिलाफ प्रह्लाद लोधी हाईकोर्ट गए थे जहां से उन्हें सजा पर 7 जनवरी तक स्टे मिला है. सजा पर स्टे होने के बाद भी विधानसभा ने अभी तक उनकी सदस्यता को बहाल नहीं किया है. इसी पर अब राजनीतिक घमासान जारी है.

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First published: November 13, 2019, 3:53 PM IST
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