कमलनाथ के खिलाफ FIR दर्ज, जानिए बीजेपी ने किस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री को उलझाया

बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. (File)

बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. (File)

बीजेपी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. मामला इंडियन कोविड वैरिएंट शब्द का है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही इस मसले पर कमलनाथ पर आरोप लगा चुके हैं.

  • Last Updated: May 24, 2021, 10:46 AM IST
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भोपाल. ‘इंडियन कोविड’ को लेकर मध्य प्रदेश में विवाद थम नहीं रहा. बीजेपी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी है. कमलनाथ पर धारा 188 और 55 के तहत मामला दर्ज किया गया है. बीजेपी ने थाने में उनके खिलाफ कई आरोप लगाए.

जानकारी के मुताबिक, बीजेपी के कई नेता रविवार दोपहर को ही क्राइम ब्रांच पहुंच गए थे और मामला देर शाम दर्ज हुआ. इधर, कांग्रेस ने भी बीजेपी पर पलटवार किया है. कांग्रेस अब सरकार के खिलाफ कोर्ट जाएगी. कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि अकेले कमलनाथ ने नहीं, देश के 21 मीडिया हाउस ने कोरोना के लिए ‘इंडियन वैरिएंट’ शब्द का इस्तेमाल किया.

मीडिया पर कार्रवाई करे सरकार – गुप्ता

गुप्ता ने कहा कि BJP सरकार में हिम्मत है तो मीडिया हाउसों पर  कार्रवाई करे. हम कोर्ट में  कोरोना के इंडियन वैरिएंट की मीडिया रिपोर्ट्स को रखेंगे. MP पुलिस भाजपा सरकार, संगठन की सेवा में मुस्तैद है. पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा FIR उन पर होना चाहिए, जिन्होंने प्रदेश की जनता को तड़पा-तड़पा कर मारा है. लेकिन, FIR हुई कमलनाथ जी पर. उन्होंने प्रदेश की जनता की आवाज को सरकार के कानों तक पहुंचाया है.
जनता सबक सिखाएगी – पटवारी

जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज जी आपने कमलनाथ पर FIR कर फिर एक पाप कर दिया है. जनता देख रही है. सबक सिखाएगी.अब कांग्रेस आज पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ FIR दर्ज कराएगी. जिलों में कांग्रेस नेता सीएम शिवराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे.

ये है धारा 55 और 188



बता दें, धारा 55 के तहत मामला तब दर्ज होता है, जब कोई व्यक्ति किसी आपदा की परिस्थति में झूठी चेतावनी, झूठी खबर फैलाता है, जिसकी वजह से लोगों में घबराहट फैलने लगती है और माहौल पैनिक हो जाता है. इसकी सजा एक साल जेल और जुर्माना है. धारा 55 सरकारी विभागों द्वारा होने वाले अपराधों से संबंधित है.

उसी तरह IPC की धारा 188 के तहत दो प्रावधान हैं. पहला - अगर आप सरकार या किसी सरकारी अधिकारी द्वारा कानूनी रूप से दिए गए आदेशों का उल्लंघन करते हैं, या आपकी किसी हरकत से कानून व्यवस्था में लगे शख्स को नुकसान पहुंचता है. इसके तहत आरोपी को कम से कम एक महीने की जेल या 200 रुपए जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है.

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