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BJP MLA नारायण त्रिपाठी ने विंध्य के बहाने फिर की प्रेशर पॉलिटिक्स, क्या हैं इसके सियासी मायने ? 

नारायण त्रिपाठी कमलनाथ सरकार का साथ देने के कारण चर्चा में आए थे.
नारायण त्रिपाठी कमलनाथ सरकार का साथ देने के कारण चर्चा में आए थे.

नारायण त्रिपाठी ( BJP MLA, Narayan tripathi)इससे पहले भी विंध्य को अलग प्रदेश बनाने और मैहर को जिला बनाने की मांग को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स करते रहे हैं. 2018 के बाद मध्य प्रदेश में बनी कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने एक बार विधानसभा में बीजेपी के खिलाफ ही वोट कर दिया था

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भोपाल.सतना के मैहर से बीजेपी विधायक (BJP MLA) नारायण त्रिपाठी ने एक बार फिर विंध्य प्रदेश के बहाने प्रेशर पॉलिटिक्स का कार्ड चल दिया है.नारायण त्रिपाठी जल्द ही अलग विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में हैं.उन्होंने विंध्य के सभी जिलों में सभाएं और संवाद का कार्यक्रम तय कर लिया है.

नारायण त्रिपाठी की तैयारी विंध्य के बाद भोपाल में भी एक बड़ा आंदोलन करने की है.न्यूज़ 18 से  बातचीत में त्रिपाठी ने कहा पूर्व पीएम स्व अटलजी भी छोटे राज्यों के पक्षधर थे. लिहाजा विंध्य प्रदेश बनना चाहिए. उन्होंने कहा एमपी का विभाजन होगा और विंध्य प्रदेश बनेगा.नारायण त्रिपाठी का कहना है विंध्य की अब तक उपेक्षा होती रही है इसलिए उसे अलग प्रदेश बनना जरूरी है. त्रिपाठी विंध्य के सभी 7 जिलों का दौरा करेंगे और उसके बाद भोपाल में आंदोलन करेंगे.





खत के जरिये समर्थन
नारायण त्रिपाठी अलग विंध्य प्रदेश के लिए खत के जरिए भी समर्थन मांग रहे हैं. उन्होंने विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर विंध्य क्षेत्र की सभी लोकसभा सीट के सांसदों को खत लिखा है. उनसे विंध्य प्रदेश के लिए समर्थन मांगा है. नारायण त्रिपाठी का कहना है वो जल्द ही इस सिलसिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी खत लिखेंगे और उनसे भी विंध्य प्रदेश बनाने की मांग करेंगे.नारायण त्रिपाठी ने ऐलान किया है कि विंध्य प्रदेश के लिए अगर उन्हें आंदोलन या धरना प्रदर्शन भी करना पड़ा तो फिर वह इससे पीछे नहीं हटेंगे.

नारायण की प्रेशर पॉलिटिक्स
नारायण त्रिपाठी इससे पहले भी विंध्य को अलग प्रदेश बनाने और मैहर को जिला बनाने की मांग को लेकर प्रेशर पॉलिटिक्स करते रहे हैं. 2018 के बाद मध्य प्रदेश में बनी कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने एक बार विधानसभा में बीजेपी के खिलाफ ही वोट कर दिया था. जिसको लेकर काफी हंगामा मचा था.मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान भी नारायण त्रिपाठी तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात करने कई बार सीएम हाउस पहुंचे थे, उस वक्त भी उन्होंने मैहर को जिला बनाने और विंध्य को प्रदेश बनाने की मांग उठाई थी. लिहाजा अब उनकी इस मांग को फिर से प्रेशर पॉलिटिक्स से जोड़कर देखा जा रहा है.
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