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सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा प्रह्लाद लोधी का केस, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 19, 2019, 1:05 PM IST
सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा प्रह्लाद लोधी का केस, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
प्रह्लाद लोधी का केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

प्रह्लाद लोधी की सदस्यता ख़त्म होने से तिलमिलाई बीजेपी लगातार विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठा रही है. पार्टी ने इस मसले पर राज्यपाल से दखल देने की मांग की थी.

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भोपाल.बीजेपी विधायक प्रह्लाद लोधी (bjp mla prahlad lodhi) की विधायकी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट (supreme court) तक पहुंच गया है. एमपी सरकार ने एडवोकेट जनरल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है. इसमें प्रह्लाद लोधी की सज़ा पर हाईकोर्ट (high court) का स्टे हटाने की अपील की गयी है. बीजेपी (bjp) ने भी प्रह्लाद लोधी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है.

आमने-सामने बीजेपी-कांग्रेस
प्रह्लाद लोधी के मामले में बीजेपी और कांग्रेस के बीच अब भी सियासी घमासान जारी है. बीजेपी विधायक और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि प्रह्लाद लोधी अब भी विधायक हैं और कैविएट इसलिए दायर किया गया है कि कोर्ट में उनका भी पक्ष सुना जाए. दूसरी तरफ कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता की मानें तो बीजेपी को डरने की ज़रूरत नहीं है सुप्रीम कोर्ट जो फैसला करेगा उस पर आगे काम होगा.
ये है मामला

प्रह्लाद लोधी की विधायकी का मामला थमता नहीं दिख रहा है. भोपाल की विशेष अदालत ने 2014 में एक तहसीलदार से मारपीट के मामले में 2 साल की सज़ा सुनायी थी. उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता शून्य घोषित कर दी थी. लोधी विशेष कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट गए थे. हाईकोर्ट ने प्रह्लाद लोधी की सज़ा पर 7 जनवरी 2020 तक स्टे दे दिया है. सज़ा पर स्टे मिलने के बाद लोधी की विधायकी को लेकर कांग्रेस-बीजेपी दोनों में लगातार टकराहट चल रही है. अब कांग्रेस ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इसमें प्रह्लाद लोधी की सज़ा पर हाईकोर्ट का स्टे हटाने का आग्रह किया गया है.
तिलमिलाई बीजेपी
प्रह्लाद लोधी की सदस्यता ख़त्म होने से तिलमिलाई बीजेपी लगातार विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठा रही है. पार्टी ने इस मसले पर राज्यपाल से दखल देने की मांग की थी. राज्यपाल ने स्पीकर एन पी प्रजापति से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन स्पीकर से संपर्क नहीं हो सका. उसके बाद राज्यपाल ने इस मामले में निर्वाचन आयोग की राय ली है. उधर सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है तो बीजेपी ने कैविएट दायर की है.
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First published: November 19, 2019, 1:03 PM IST
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