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मध्य प्रदेश में बीजेपी के विधायक बने सांसद, लेकिन फायदे में कांग्रेस!

News18 Madhya Pradesh
Updated: May 28, 2019, 9:09 PM IST
मध्य प्रदेश में बीजेपी के विधायक बने सांसद, लेकिन फायदे में कांग्रेस!
झाबुआ के विधायक जीएस दमोर झाबुआ-रतलाम लोकसभा सीट से चुनाव जीत गए हैं. उनके इस्तीफे के बाद विधानसभा में बीजेपी की एक सीट कम हो जाएगी, जिससे कांग्रेस की स्थिति मजबूत होगी.

झाबुआ के विधायक जीएस दमोर झाबुआ-रतलाम लोकसभा सीट से चुनाव जीत गए हैं. उनके इस्तीफे के बाद विधानसभा में बीजेपी की एक सीट कम हो जाएगी, जिससे कांग्रेस की स्थिति मजबूत होगी.

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लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई है. हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफे का दौर जारी है, लेकिन इन सबके बीच एक बात ऐसी है जो कांग्रेस के लिए फायदे वाली है. दरअसल, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में  230 सीटों में से 114 सीट ही जीती थीं. अब झाबुआ के विधायक जीएस दमोर झाबुआ-रतलाम लोकसभा चुनाव सीट से जीतकर सांसद बन गए हैं. अगर वो इस्तीफा देंगे तो विधानसभा में बीजेपी की एक सीट कम हो जाएगी, जिससे कांग्रेस की स्थिति मजबूत होगी. अभी कांग्रेस के पास राज्य में 121 विधायकों का समर्थन है. इनमें 3 निर्दलीय, दो बीएसपी और एक समाजवादी पार्टी का विधायक शामिल है.

कमलनाथ के इस्तीफे की अफवाह

लोकसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश के बाद कमलनाथ के इस्तीफे को लेकर भी अफवाहें आई थीं. लेकिन, इन खबरों के आने के थोड़ी ही देर बाद पार्टी के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने बयान जारी कर इसे भ्रामक बताया था.

सिंधिया का गढ़ ढहा

2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर में राज्य की सिर्फ दो सीटें थीं, जिन्हें कांग्रेस बचा पाई थी. ये सीटें थीं गुना और छिंदवाड़ा. लेकिन, इस बार के चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपना गढ़ नहीं बचा पाए. उन्हें बीजेपी के केपी यादव ने चुनाव हरा दिया. यादव कभी सिंधिया के करीबी हुआ करते थे.

कमलनाथ का फॉर्मूला

लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को चौतरफा हमले झेलने पड़ रहे हैं. किसी का दावा है कि राज्य सरकार अल्पमत में है. उसके पास बहुमत से दो विधायक कम हैं. बहरहाल, इस मुश्किल स्थिति से निपटने के लिए कमलनाथ सरकार ने तरीका खोज लिया है. चर्चा है कि जून के पहले सप्ताह में कमनलाथ नए मंत्रियों को शपथ दिलवाएंगे. कैबिनेट विस्तार के जरिये कमलनाथ पार्टी को चुनाव में नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं की छुट्‌टी कर सकते हैं. वहीं, सरकार की मजबूती के लिए जरूरी नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.ये भी पढ़ें:

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First published: May 28, 2019, 8:37 PM IST
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