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BJP संगठन में कहां हैं महिलाएं ? 900 में से सिर्फ 1 मंडल में मिली जगह

Jitender Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 9, 2019, 4:39 PM IST
BJP संगठन में कहां हैं महिलाएं ?  900 में से सिर्फ 1 मंडल में मिली जगह
बीजेपी संगठन चुनाव में महिलाओं को जगह नहीं

बीजेपी की संवैधानिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसमें पार्टी में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण (Women Reservation) है. फिलहाल न ही प्रदेश अध्यक्ष महिला है और न ही किसी जिले की जिला अध्यक्ष.

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भोपाल. भारतीय जनता पार्टी (BJP) में महिलाओं (women) को तवज्जो नहीं दी जा रही है. ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि पार्टी के प्रदेश संगठन चुनाव में इक्का-दुक्का महिलाओं को ही ज़िम्मेदारी सौंपी जा रही है. मंडल अध्यक्ष के चुनाव में 900 में से सिर्फ मंडल में महिला अध्यक्ष चुनी गयी हैं. पार्टी के रवैए से महिला सदस्य नाराज़ हैं.

900 में से सिर्फ 1 महिला को जगह
आधी आबादी का जिम्मा उठाने वाली महिलाओं को बीजेपी ने पार्टी के संगठनात्मक चुनाव में दरकिनार कर दिया है. संगठन को मज़बूत करने के लिए काम कर रही महिलाओं के हाथ निराशा लग रही है. मंडल से लेकर जिला अध्यक्ष के पद तक कहीं भी महिलाओं को जगह नहीं दी जा रही. मंडल अध्यक्ष के 900 में से सिर्फ एक पद पर महिला को नियुक्त किया गया. किसी भी महिला को यही हाल ज़िलाध्यक्ष पद पर भी है. हालांकि अभी कई जिलों के नामों को लेकर रायशुमारी जारी है. जिलाध्यक्ष के लिए कई महिलाओं ने दावा पेश किया था. लेकिन पार्टी ने किसी भी महिला दावेदार पर भरोसा नहीं जताया. इस प्रक्रिया के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा.

पार्टी में महिलाओं को 33% आरक्षण

इस प्रक्रिया के बीच बीजेपी की संवैधानिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसमें पार्टी में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण (Women Reservation) है. फिलहाल न ही प्रदेश अध्यक्ष महिला है और न ही किसी जिले की जिला अध्यक्ष. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बीजेपी महिलाओं को मौका देगी. अब भविष्य में बीजेपी मुख्यालय में होने वाली बैठकों में महिला आरक्षण की गूंज भी सुनाई देगी.

कृष्णा गौर ने जताई नाराज़गी
पार्टी संगठन में महिलाओं की उपेक्षा से महिला सदस्य बेहद आहत और नाराज़ हैं. लेकिन खुलकर वो कुछ कहने से बच रही है. पार्टी विधायक कृष्णा गौर ने ज़रूर खुलकर नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा, 'समाज महिलाओं को अवसर, सुरक्षा और सम्मान दे.बीजेपी समाज से अलग नहीं है.महिला अपना स्थान बना सकती है और देश हित में अपना योगदान भी दे सकती है. कृष्णा गौर ने कहा वो पार्टी फोरम में अपनी बात रखेंगी.पार्टी अपनी रीति नीति के अनुसार नई पीढ़ी को सामने लाए. ताकि क्षमतावान कार्यकर्ता सबको साथ लेकर काम कर सकें. इसमें महिलाएं भी शामिल हैं.'बीजेपी में महिला आरक्षण
महिला भाजपा विधायक कृष्णा गौर ने कहा संगठन के पदों पर 33% महिला आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था है.लेकिन उसे दरकिनार कर दिया गया है. बीजेपी एकमात्र राजनीतिक दल है, जो महिलाओं को आरक्षण देता है.छोटे से छोटे कार्यकर्ता ज़िलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष बन सकता है. बावजूद इसके संगठन चुनाव में महिलाएं किनारे कर दी गयी हैं.

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First published: December 9, 2019, 3:59 PM IST
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