कमलनाथ और सिंधिया को रोकने के लिए भाजपा ने बनाया 'किलाबंदी' का प्लान!

छिंदवाड़ा को कमलनाथ और गुना को सिंधिया का गढ़ माना जाता है. इन दोनों लोक सभा सीटों पर कांग्रेस खुद को अजेय मानती है.

Makarand Kale | News18 Uttarakhand
Updated: May 16, 2018, 4:00 PM IST
कमलनाथ और सिंधिया को रोकने के लिए भाजपा ने बनाया 'किलाबंदी' का प्लान!
गुना-छिंदवाड़ा पर बीजेपी का है फोकस.
Makarand Kale | News18 Uttarakhand
Updated: May 16, 2018, 4:00 PM IST
मध्य प्रदेश में बीजेपी कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोकने की नई रणनीति पर काम करने में जुट गई है. भाजपा अब इन दोनों को इनके ही गढ़ में घेरने का काम करेगी. बीजेपी के मुताबिक, वो दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देंगे, जिससे वो अपना इलाका छोड़कर बाकी प्रदेश में निकल ही नहीं पाएंगे.

छिंदवाड़ा को कमलनाथ और गुना को सिंधिया का गढ़ माना जाता है. इन दोनों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस खुद को अजेय मानती है. शायद यही वजह थी कि साल 2014 के लोक सभा चुनावों में मोदी लहर से भी ये दोनों सीटें अछूती रहीं. सिर्फ यही दो सीटें थीं, जिन्हें बचा पाने में कांग्रेस कामयाब रही.

उसके बाद में उपचुनाव में कांतिलाल भूरिया झाबुआ की तीसरी सीट जीतने में सफल हुई थी. 4 मई को जब अमित शाह भोपाल दौरे पर पहुंचे, तो यहां भी पदाधिकारियों को कह गए कि 2 सीटों पर बीजेपी को अतिरिक्त मेहनत करने की जरूरत है. ये दो सीटें हैं, गुना और छिंदवाडा.

जाहिर है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपने लाज बचाने के लिए प्रदेश बीजेपी को ये दो सीटें जीतना जरूरी हो गया है. इसी कारण पार्टी इन दोनों सीटों को लेकर गंभीर नज़र आ रही है.

छिंदवाड़ा सीट का इतिहास
छिंदवाड़ा सीट पर करीब 35 सालों से कमलनाथ काबिज हैं. साल 1980 में पहली बार कमलनाथ छिंदवाड़ा सांसद बने, तब लेकर अभी तक कमोबेश ये सीट कमलनाथ के पास ही रही है. 1996 में कमलनाथ ने अपनी पत्नी अल्का नाथ को इस सीट से उम्मीदवार बनाया था, जिसमें कांग्रेस जीती थी. 1997 में एक साल के लिए ये सीट उपचुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने कमलनाथ से छीन ली थी, लेकिन बाद में कमलनाथ ने ये सीट फिर से अपने कब्जे में कर ली थी.

गुना - शिवपुरी का इतिहास
साल 2002 से ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना सीट पर जीत दर्ज कराते आ रहे हैं. पूर्व में राजमाता सिंधिया और फिर ज्योतिरादित्य के पिता माधवराव सिंधिया इसी सीट से जीतते रहे है. गुना शिवपुरी सीट हमेशा से सिंधिया परिवार के पास रही है. झाबुआ अलीराजपुर सीट फिलहाल कांग्रेस के पास है, नवंबर 2015 में हुए उपचुनावों में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया यहां से लोकसभा सीट जीते थे।

कांग्रेस आश्वस्त अजेय हैं कमलनाथ और सिंधिया
कांग्रेस पूरी तरह से आश्वस्त है कि छिंदवाड़ा से कमलनाथ और गुना से सिंधिया को हराना नामुमकिन है. कांग्रेस मीडिया सेल के चेयरमैन मानक अग्रवाल के मुताबिक बीजेपी के हाथ से प्रदेश छूटता जा रहा है. बीजेपी कितनी भी कोशिश करे जीत नहीं पाएगी. कांग्रेस के मुताबिक बीजेपी इस बार 50 सीटों से ज्यादा नहीं जीत पाएगी. (रिपोर्ट - मकरंद काले)

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