भोपाल में ब्लैक फंगस का खतरा, हमीदिया अस्पताल में दो दिन के भीतर आधे से ज्यादा बेड फुल

भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है.

भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है.

Black Fungus in Bhopal: गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में यूनिट शुरू की जा रही है. ब्लैक फंगस इंफेक्शन से निपटने के लिए चार विंग काम कर रही हैं.

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भोपाल. राजधानी भोपाल में ब्लैक फंगस (Black fungus) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. अब तक 70 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं. 15 दिन में राजधानी में तेजी से ब्लैक फंगस का संक्रमण फैला है. हमीदिया अस्पताल में इस बीमारी के इलाज के लिए बनाया गया वार्ड भी फुल होने के कगार पर है. 2 दिन में आधे बेड फुल हो चुके हैं. कई मरीजों का कोरोना और ब्लैक फंगस का इलाज एक साथ चल रहा है.

भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है. हमीदिया अस्पताल में सबसे ज्यादा 23 मरीज भर्ती हैं. हमीदिया में 2 दिन में 30 बेड में से 15 बेड मरीजों से भर चुके हैं.  कोविड वार्ड में भर्ती 8 मरीजों का ब्लैक फंगस और कोरोना दोनों का एक साथ इलाज हो रहा है.


ये है सरकार की तैयारी
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है. सरकार ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी है. पहले फेज में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में यूनिट शुरू की जा रही है. ब्लैक फंगस इंफेक्शन से निपटने के लिए चार विंग काम कर रही हैं. इनमें ईएनटी, नेत्र रोग विभाग, न्यूरोलॉजी और मेडिसन को मिलाकर एक  यूनिट बनायी गयी है. सर्जरी के लिए नॉन कोविड और कोविड पॉज़िटिव मरीजों के लिए अलग-अलग ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था भी की जा रही है.

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