MP में तेजी से बढ़ रहे हैं ब्लैक फंगस के मरीज, जानिए इलाज की क्या है व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी का इलाज करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों/ मेडिकल कॉलेजों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी का इलाज करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों/ मेडिकल कॉलेजों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

Bhopal. भोपाल में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों की संख्या 245 हो गई है. जबकि पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा 700 से ज्यादा है.

  • Share this:

भोपाल. राजधानी सहित प्रदेश में कोरोना (Corona) के बाद ब्लैक फंगस (Black fungus) के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. अकेले भोपाल में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों की संख्या 245 हो गई है. जबकि पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा 700 से ज्यादा है. ब्लैक फंगस का शिकार हो रहे लोगों को इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार भी अलर्ट मोड पर है. इलाज में उपयोगी इंजेक्शन जुटाने से लेकर सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए अब तेजी के साथ काम हो रहा है.

ब्लैक फंगस से निपटने के लिए सरकार की तैयारी पर नजर डालें तो ...

-सीएम शिवराज के निर्देश पर प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेजों भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और रीवा में विशेष वार्ड बनाए गए हैं.

-सीएम शिवराज ने ब्लैक फंगस से इलाज के लिए जरूरी अम्फोटेरेसिन इंजेक्शन के लिए केंद्रीय रसायन मंत्री मनसुख मांडवीया से फोन पर चर्चा की है.
-कोविड-19 सेंटर को पोस्ट कोविड-19 सेंटर में बदला जा रहा है.

-मुख्यमंत्री ने सन फार्मा के प्रमुख दिलीप सांघवी से फोन पर चर्चा कर एंटीफंगल इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए बात की है. इस पहल के बाद प्रदेश को 2000 इंजेक्शन सप्लाई किये गए. गुजरात से स्टेट प्लेन ये खेप लेकर एमपी पहुंचा और यहां से अलग-अलग जिलों में इंजेक्शन भेजे गए.

-एमपी में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन की कीमत तय की गई है.



-निजी अस्पताल में मिलने वाले सन फार्मा के इंजेक्शन की कीमत 4792 रुपए, माइलान के इंजेक्शन की कीमत ₹6248, भारत सिरम के इंजेक्शन की कीमत ₹5788 होगी.

-सरकार ने अब ब्लैक फंगस मरीजों के लिए नेजल एंडोस्कोपी अभियान की भी शुरुआत की है. इस अभियान के जरिए मरीजों की प्राथमिक स्तर पर पहचान की जाएगी और मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में मरीज की मुफ्त नेजल एंडोस्कोपी हो सकेगी. इसके लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज में जरूरी उपकरण बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं.

-सरकार ने ब्लैक फंगस बीमारी से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज की केस स्टडी करने के भी निर्देश दिए हैं.

- सरकार की पहल पर केंद्र सरकार से भी प्रदेश को अब एंटी वायरल इंजेक्शन सप्लाई किये जाएंगे. पहली खेप में 12 सौ इंजेक्शन मिलने की खबर है.

विपक्ष ने उठाए सवाल

प्रदेश सरकार की तमाम कोशिशों के बाद ब्लैक फंगस मरीजों की बढ़ रही संख्या और इंजेक्शन की कमी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा अस्पतालों में मरीजों को ब्लैक फंगस के इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं. लोग परेशान हैं. प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा सरकार ब्लैक फंगस के इलाज के लिए जरूरी सभी व्यवस्थाएं जुटाने में लगी है. एंटीवायरल इंजेक्शन की कमी दूर करने के लिए निजी कंपनियों से लेकर केंद्र सरकार तक से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है. जल्द ही व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा.

कोरोना के बाद ब्लैक फंगस का हमला

प्रदेश में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस की शिकायत मिल रही है. आलम यह है कि ब्लैक फंगस की चपेट में आने से लोगों को जान तक गंवाना पड़ रही है. बीमारी के कारण कई लोग अपनी आंखों की रोशनी को गंवा चुके हैं और ऐसे में कोरोना के बाद अब इस बीमारी से निपटना सरकार के लिए चुनौती बन गया है. कुछ राज्यों ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है. सरकार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बीमारी के इलाज के लिए जरूरी दवा और इंजेक्शन की आपूर्ति की है. दूसरी तरफ चुनौती इस बात की भी है कि मरीजों का प्राथमिक इलाज हो सके. प्राथमिक पहचान के बाद इलाज मिल सके.


डॉक्टरों की टीम

सरकार ने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ब्लैक फंगस मरीजों के लिए अलग-अलग विभागों से जुड़े डॉक्टरों की संयुक्त टीम का गठन करने का ऐलान किया है. ताकि ऐसे मरीजों का तत्परता से इलाज हो सके.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज