नोटबंदी के बाद हुए पहले चुनाव में MP में ज़ब्त किया गया सबसे ज़्यादा कालाधन

सिर्फ एक महीने में बड़े पैमाने पर कालाधन ज़ब्त होने पर खुद चुनाव आयोग भी सकते में है. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने रिटायर होने के बाद कहा कि नोटबंदी के बाद भी चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल कम नहीं हुआ है.

Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 5, 2018, 12:58 PM IST
नोटबंदी के बाद हुए पहले चुनाव में MP में ज़ब्त किया गया सबसे ज़्यादा कालाधन
सांकेतिक तस्वीर
Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 5, 2018, 12:58 PM IST
मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव  के दौरान करोड़ों का कालाधन ज़ब्त किया गया. चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 2013 के चुनाव के मुकाबले इस बार 13 सौ करोड़ से  ज़्यादा कालाधन पकड़ा गया. इस काले कारोबार ने इंटेलिजेंस एजेंसियों की नींद उड़ा दी है.


प्रदेश में विधान सभा चुनाव की आचार संहिता से लेकर मतदान तक इंटेलिजेंस एजेंसियों ने कुल 1300 करोड़ का कालाधन ज़ब्त किया. इसमें से हवाला के 11 सौ करोड़ रुपए तो सिर्फ जबलपुर में पकड़े गए. आयकर विभाग की कार्रवाई में अभी और ज़्यादा पैसा पकड़ में आने की संभावना है.



चुनाव आचार संहिता के दौरान हुई कार्रवाई के बड़े खुलासों पर नजर डालें तो...

कुल कार्रवाई 120

कालेधन का खुलासा 1300 करोड़

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जबलपुर में खिलौना व्यापारी से 1100 करोड़

कटनी में 75 करोड़ करोड़

इंदौर में 100 करोड़

देवास में 12 करोड़


सिर्फ एक महीने में बड़े पैमाने पर कालाधन ज़ब्त होने पर खुद चुनाव आयोग भी सकते में है. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने रिटायर होने के बाद कहा कि नोटबंदी के बाद भी चुनाव में कालेधन का इस्तेमाल कम नहीं हुआ है. बल्कि इस बार पहले के मु़क़ाबले ज़्यादा कालाधन ज़ब्त किया गया.


दो साल पहले नोटबंदी के ज़रिए सरकार ने 500 और 1000 नोट बंद कर दिए थे. तब सरकार ने नोटबंदी के लिए दो आधार बताए थे. पहला इससे नकली नोटों की समस्या ख़त्म होगी और दूसरा काले धन पर रोक लगेगी. लेकिन एमपी इलेक्शन के दौरान जितना कालाधन सामने आया है उसने केंद्र सरकार का दावा ग़लत साबित कर दिया है.
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