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MP बजट सत्र का चौथा दिन : पूर्व मंत्री ने सरकार पर लगाया बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप

मध्य प्रदेश विधानसभा में आज वो विधायक सवाल करेंगे जो पहली बार चुनकर आए हैं. (File)

मध्य प्रदेश विधानसभा में आज वो विधायक सवाल करेंगे जो पहली बार चुनकर आए हैं. (File)

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ. गोविंद सिंह ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आए हैं. प्रस्ताव चिटफंड कंपनियों को लेकर है. उनका आरोप है कि लोग सहकारी समितियां बनाकर अवैध कारोबार कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 4:22 PM IST
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भोपाल. विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा में खाद घोटाले और अवैध उत्खनन की गूंज सुनाई दी. विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने सदन में खाद घोटाले का मुद्दा उठाया. उन्होंने सरकार से कहा कि मंदसौर नीमच जिलों में ट्रांसपोर्टर व्यवसाई द्वारा गेहूं उपार्जन और खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेरा-फेरी सामने आई है. इस मामले में सहकारिता विभाग ने क्या कार्रवाई की ? इसके जवाब में सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद ने जवाब दिया कि सोसाइटियों के प्रबंधकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी के गठन किया जाएगा और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी. ये जांच 3 महीने में पूरी कर ली जाएगी.

वहीं, कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादन ने प्रश्न काल में अवैध उत्तखनन का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोहरी में बिना अनुमति लंबे समय से अवैध उत्खनन चल रहा है. इस पर खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने जवाब दिया कि विभाग के अधिकारियों ने जांच करने के साथ ही अवैध खनन करने वालों पर की कार्रवाई की. पोकलेन समेत अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे वाहनों को जब्त किया गया.

पीसी शर्मा ने उठाया अवैध निर्माण तोड़ने का मुद्दा



इस बीच, कांग्रेस नेता जितेंद्र डागा के अवैध निर्माण तोड़ने का मुद्दा भी सदन में गूंजा. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मुद्दे को उठाया. शर्मा ने कहा कि सरकार ने अवैध तरीके से ये कार्रवाई की है. ये कार्रवाई बदले की भावना से की गई. ये परंपरा गलत है. वहीं, कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने सदन में चिटफंड कंपनियों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की मांग भी की. डॉ. गोविंद सिंह इस मामले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आए हैं.
ये विधेयक पटल पर होंगें पुनर्स्थापित

विधानसभा में सरकार 7 विधेयक पटल पर पुनर्स्थापित करेगी. कार्यसूची के हिसाब से उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव मप्र भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय संशोधन विधयेक, डॉ. बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, एसएन शुक्ला विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक और मप्र निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक पुनर्स्थापित करेंगे.

जबकि लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया मप्र लोक सेवाओं के प्रदाय गारंटी (संशोधन) विधेयक, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट मप्र सिंचाई प्रबंधन में किसानों की भागीदारी (संशोधन) विधयेक और विधि एवं विधायी कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मप्र सिविल न्यायालय (संशोधन) विधेयक सदन पटल पर पुनर्स्थापित करेंगे. इन विधेयकों पर सदन में चर्चा होगी. इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम तारीख तय करेंगे. राज्यपाल के अभिभाषण पर गुरुवार को भी चर्चा जारी रहेगी. प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के बाद शाम करीब 5 बजे तक का समय इसके लिए आरक्षित किया गया है.

3 मार्च को होगा विधानसभा घेराव- कमलनाथ

नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम पर सरकार को सदन में चर्चा करानी चाहिए.लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है. पेट्रोल और डीजल मूल्यवृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा.पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कोरोना का डर दिखाकर सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है. क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में सभी तरह के धरना प्रदर्शन मेला के आयोजनों पर रोक लगाने का फैसला हुआ है. सरकार इस तरह के फैसले से पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन को दबाने की कोशिश में है. लेकिन 3 मार्च को कांग्रेस का विधानसभा घेराव होकर रहेगा. सदन में भी विपक्ष इस मामले को जोर-शोर के साथ उठाएगा.
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