एमसीयू महाघोटाला: EOW की जांच में बड़ा खुलासा, बीके कुठियाला के कारण हुआ 45 करोड़ का नुकसान

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बीके कुठियाला पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने भले ही सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, लेकिन दूसरी तरफ ईओडब्ल्यू की जांच में वो फंसते ही जा रहे हैं.

Manoj Kumar Rathor | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 2, 2019, 5:44 PM IST
एमसीयू महाघोटाला: EOW की जांच में बड़ा खुलासा, बीके कुठियाला के कारण हुआ 45 करोड़ का नुकसान
कुठियाला पर जांच में कसा शिकंजा.
Manoj Kumar Rathor | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 2, 2019, 5:44 PM IST
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (MCU) में हुए घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व कुपलति बीके कुठियाला (Vice Chancellor BK Kuthiala) नए कैंपस की जांच में बुरी तरह फंस गए हैं. ईओडब्ल्‍यू (EOW) की जांच में खुलासा हुआ है कि उनके (कुठियाला) दखलअंदाजी की वजह से नए कैंपस की लागत करीब 45 करोड़ रुपए बढ़ गई थी.

एससीयू के पूर्व कुलपति बीके कुठियाला पर ईओडब्ल्यू का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट में भले ही सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, लेकिन दूसरी तरफ ईओडब्ल्यू की जांच में कुठियाला फंसते ही जा रहे हैं. आपको बता दें कि विश्वविद्यालय की 3 सदस्यीय जांच टीम ने 10 अध्यायों में ईओडब्ल्यू को आर्थिक अनियमितता संबंधी जांच रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में नए कैंपस के निर्माण में भी अनधिकृत तरीके से हस्तक्षेप करने का आरोप था. जब ईओडब्ल्यू ने इस मामले की जांच की, तो उसकी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जांच के दौरान कुठियाला के खिलाफ कई सबूत मिले.

आर्थिक फायदे के लिए 45 करोड़ की लागत बढ़ी
नए कैंपस के निर्माण के लिए एमपी हाउसिंग बोर्ड को 150 करोड़ का प्रोजेक्ट दिया गया था. नए कैंपस को 50 एकड़ में बनाया जा रहा है. निर्माण काम लगभग पूरा हो चुका है. कुठियाला के अवैध हस्तक्षेप की वजह से निर्माण में 40 से 45 करोड़ रुपए की लागत ज्यादा आ गई. ईओडब्ल्यू ने एमपी हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों से पूछताछ की और उनके बयान भी दर्ज किए हैं. जांच में कुठियाला के हस्तक्षेप में धांधली का खुलासा भी हुआ है. जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कुठियाला ने निर्माण कार्य में हस्तक्षेप इसलिए किया, ताकि उन्हें आर्थिक फायदा हो सके. नए कैंपस के अलावा भी कुठियाला पर कुलपति रहते हुए करोड़ों की हेराफेरी का आरोप है. ईओडब्ल्यू इस बात को लेकर संतुष्ठ है कि उसके पास ऐसे पुख्ता सबूत है, जिससे कुठियाला को सजा दिलाने में मदद मिलेगी.

तिवारी ने कही ये बात
केएन तिवारी (डीजी, ईओडब्ल्यू) ने कहा कि एमसीयू की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है. उन बिंदुओं में नए कैंपस की जांच भी शामिल है. इस जांच में आए तथ्यों से पता चला है कि नए कैंपस के निर्माण के लिए एजेंसी तय थी.. काम हो रहा था और इसके बावजूद बीके कुठियाला ने अपना हस्तक्षेप किया. इसी वजह से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई थी.

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First published: September 2, 2019, 5:22 PM IST
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