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MP में बाढ़ : कमलनाथ सरकार ने केंद्र से मांगे थे 16 हज़ार करोड़ रुपए, मिले 13 करोड़
Bhopal News in Hindi

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 24, 2020, 10:02 AM IST
MP में बाढ़ : कमलनाथ सरकार ने केंद्र से मांगे थे 16 हज़ार करोड़ रुपए, मिले 13 करोड़
एमपी के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए केंद्र सरकार ने राहत राशि जारी की

मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में इस साल मॉनसून (monsoon) ने कहर बरपा दिया था. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बाढ़ आ गयी थी. किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था. कई जिलों में जानमाल का भी नुकसान हुआ था.बाढ़ आपदा में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से करीब 16 हज़ार करोड़ रुपए के नुकसान का आंकलन किया गया था

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भोपाल​. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के लिए केंद्र सरकार (central government) ने बाढ़ राहत राशि (Flood relief amount) की एक किश्त जारी की है. फिलहाल सिर्फ 13 करोड़ रुपए ही प्रदेश को मिले हैं. जबकि कमलनाथ सरकार ने 16 हज़ार करोड़ के नुकसान का आंकलन किया था. ये राहत राशि बाढ़ पीड़ित ज़िलों (Flood affected districts) में मृतकों के परिवार और पीड़ितों के लिए है. सबसे ज़्यादा पैसा मंदसौर (mandsaur) और सीएम के ज़िले छिंदवाड़ा (chhindwada) के लिए जारी हुआ है.

प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि से हुई आपदा के राहत कार्य और मुआवज़े के लिए केंद्र सरकार ने 13 करोड़ से ज्यादा की राहत राशि जारी कर दी है. कुल 13 करोड़ 43 लाख 50 हजार रुपए की राशि 43 जिलों के लिए जारी की गई है. ये पैसा आपदा में जान गंवाने वाले और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के लिए दिया गया है. सबसे ज्यादा पैसा मंदसौर और छिंदवाड़ा जिलों के लिए भेजा गया है. इन ज़िलों को 84-48 लाख रुपए भेजे गए हैं.जबकि सतना, दमोह, टीकमगढ़ और बालाघाट जिले में सबसे कम 4-4 लाख रूपए की राशि दी गई है. फिलहाल शाजापुर, दतिया, श्योपुर, भिंड, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, शहडोल और भोपाल के लिए को राहत नहीं दी गयी है. सहायता राशि सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के खातों में भेजी गई है. केंद्र सरकार के प्रावधानों के मुताबिक मृतकों को 2 लाख जबकि घायलों को 50 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी.

मॉनसून का कहर
मध्य प्रदेश में इस साल मॉनसून ने कहर बरपा दिया था. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बाढ़ आ गयी थी. किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था. कई जिलों में जानमाल का भी नुकसान हुआ था.बाढ़ आपदा में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से करीब 16 हज़ार करोड़ रुपए के नुकसान का आंकलन किया गया था. जिसमें 6 हजार करोड़ रुपए तुरंत जारी करने की मांग की गई थी. लेकिन केंद्र की ओर से एक हजार करोड़ रुपए की राशि ही जारी की गई थी.

आपदा पर आर-पार
मध्य प्रदेश में बाढ़ आपदा से पीड़ितों को सहायता मुहैया कराने पर सियासी पारा काफी वक्त तक गरम रहा. बीजेपी ये आरोप लगाती रही कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों और आपदा पीड़ितों को राहत नहीं पहुंचा रही है. बीजेपी ने राहत देने की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन भी किए. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का आरोप था कि केंद्र की ओर से पर्याप्त मदद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है. इसलिए राहत देने में देर हो रही है. कांग्रेस की ओर से ये मांग भी उठाई गई थी कि बीजेपी सांसदों को दिल्ली में धरना देकर एमपी के हिस्से की राहत राशि मंजूर करानी चाहिए.

किसने क्या कहा ?13 करोड़ की राहत राशि को कांग्रेस ने नाकाफी बताया है. कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता का कहना है ये ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है. जितना नुकसान हुआ है मध्य प्रदेश की जनता का उसके नजरिए से ये एमपी का उपहास उड़ाने जैसा है. केंद्र सरकार को मध्य प्रदेश का जायज हक देना चाहिए. वहीं बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा केंद्र सरकार ने निर्धारित मापदंडों पर मध्य प्रदेश के मामले में संवेदना के साथ विचार करते हुए पर्याप्त सहायता दी है. लेकिन उस राशि को प्रभावित नागरिकों तक नहीं पहुंचाया गया. न ही किसानों को मुआवजा दिया गया गया और न ही जान माल के नुकसान का मुआवजा दिया गया.

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First published: January 24, 2020, 9:57 AM IST
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