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छठ महापर्वः भोपाल में बिखरी छठ की छटा, व्रतियों ने डूबते सूरज को दिया पहला अर्घ्य

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 2, 2019, 8:51 PM IST
छठ महापर्वः भोपाल में बिखरी छठ की छटा, व्रतियों ने डूबते सूरज को दिया पहला अर्घ्य
भोपाल में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देती छठ व्रती.

मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) की राजधानी में शनिवार की शाम छठ महापर्व (Chhath Puja 2019) की धूमधाम चहुंओर दिखी. छठ के लिए बने घाटों (Chhath Vrati) पर व्रतियों ने डूबते सूरज को अर्घ्य दिया. प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा (Minister PC Sharma) भी छठ पूजा के दौरान घाट पर पहुंचे.

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भोपाल. सूर्य की आराधना का महापर्व, छठ (Chhath Puja 2019) मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) की राजधानी भोपाल में भी धूमधाम से मनाया जा रहा है. सूर्योपासना का यह पर्व अब प्रदेश में भी भव्य रूप ले चुका है. चार दिनों तक चलने वाले छठ पर्व (Chhath Mahaparv) के तीसरे दिन शनिवार को भोपाल के व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य यानी अस्ताचलगामी भगवान भाष्कर को अर्घ्य दिया. आपको बता दें कि दीपावली (Diwali) के बाद होने वाले छठ व्रत का यहां के भोजपुरी समाज (Bhojpuri samaj) को इंतजार रहता है. छठी मैया की पूजा-अर्चना के लिए एक से दो महीने पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं. राजधानी भोपाल में छठ पूजा के लिए शीतलदास की बगिया के साथ ही छोटे-बड़े 11 घाट बनाए गए हैं, ताकि ब़ड़ी संख्या में जुटने वाली व्रतियों को कोई दिक्कत न हो. घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. घाट पर गोताखोरों को तैनात किया गया है. छठ के पहले अर्घ्य से पहले जिला कलेक्टर औऱ डीआईजी ने घाटों का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.

Chhath Puja 2019-Vratis gives Arghya to setting Sun in Bhopal
छठ पूजा के लिए भोपाल में छोटे-बड़े 11 घाट बनाए गए हैं.


निर्जला उपवास कर दिया अर्घ्य
चार दिनों तक चलने वाले छठ व्रत की तैयारियां काफी पहले से शुरू हो जाती हैं. इस पूजा में व्रत रखने वाली महिलाएं निर्जला व्रत यानी बिना जल ग्रहण किए व्रत करती हैं. छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य की आराधना की जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान सूर्य की दो पत्नियां हैं. प्रत्युषा और उषा. डूबते हुए सूर्य के साथ प्रत्युषा की पूजा की जाती है और उगते हुए सूर्य के साथ उषा यानी उगती हुई किरण की उपासना की जाती है. शनिवार को भोपाल के शीतलदास की बगिया स्थित घाट पर छठ पूजा करने वाले व्रती अपने सिर पर फलों से भरी हुई टोकरी लेकर पहुंचे. तालाब पर बने घाटों पर व्रती महिलाओं और परिवार ने ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया.

Chhath Puja 2019-Vratis gives Arghya to setting Sun in Bhopal
छठ पूजा के दौरान जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा भी घाट पर पहुंचे.


तालाब में गन्ने का मंडप बनाकर पूजा
व्रती महिलाओं ने घाटों पर सूप और बांस की टोकरी को फलों से सजाया. तरह-तरह के फलों औऱ पकवानों से सजाकर घाटों पर रखा. तालाब में पानी के भीतर गन्ने के मंडप बनाकर व्रती महिलाओं ने पानी में आधा डूबकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. अर्घ्य देते समय पानी में दूध को मिलाकर अर्घ्य दिया जाता है. साथ ही परिवार का सदस्य फलों की टोकरी भी हाथों में लेकर भगवान सूर्य को अर्पित करता है. महिलाएं सूर्य को अर्घ्य देने के साथ परिवार की सुख-शांति की कामना करती हैं. उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही निर्जला व्रत पूरा होता है. छठ व्रत रखने वाली महिलाओं का कहना है कि छठी मैया हर मनोकामना पूरी करती हैं. छठी मैया की आराधना से परिवार के हर संकट दूर हो जाते हैं.
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First published: November 2, 2019, 8:51 PM IST
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