मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा कल्याण योजना फिर शुरू, 31 मई तक रहेगी लागू

इस स्कीम का लाभ हर उस कर्मचारी को मिल सकता है जो कोरोना की रोकथाम के काम में जुटा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इस स्कीम का लाभ हर उस कर्मचारी को मिल सकता है जो कोरोना की रोकथाम के काम में जुटा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मध्य प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा कल्याण योजना फिर से शुरू कर दी है. यह योजना 1 अप्रैल से 31 मई तक लागू रहेगी. इसको लेकर शासन ने आदेश जारी कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 8:10 PM IST
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भोपाल. कोविड-19 महामारी की रोकथाम पर काम कर रहे योद्धाओं के लिए मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा कल्याण योजना (Chief Minister Corona Warrior Welfare Scheme) एक बार फिर से लागू कर दी गई है. यह योजना भारत सरकार की कोविड-19 महामारी रोकथाम के लिए कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana) पैकेज के तहत विशेष बीमा योजना पर आधारित है. मध्य प्रदेश सरकार ने भारत सरकार की योजना का विस्तार कर उसमें स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा, नगरीय विकास गृह, राजस्व और स्थानीय निकायों में काम कर रहे कर्मियों को भी जोड़ा है. इसको लेकर शासन ने आदेश जारी कर दिया है.

इन कर्मचारियों के लिए है यह योजना

योजना से लाभान्वित होने योग्य लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष विभाग के सभी सफाई कर्मचारी, वॉर्ड ब्वाय, नर्स, आशा कार्यकर्ता, पैरामेडिक्स, तकनीशियन, डॉक्टर, विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता हो सकते हैं. इसके अलावा नगरीय विकास के सभी सफाईकर्मी, राजस्व, गृह, नगरीय विकास विभाग, शहरी और स्थानीय निकायों सहित अन्य उन विभाग के कर्मी जो कोविड-19 महामारी की रोकथाम में अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकृत हैं, वे पात्र होंगे. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना के तहत बीमित स्वास्थ्यकर्मी के अतिरिक्त अन्य सभी स्वास्थ्यकर्मी इस योजना के योग्य होंगे. इस योजना का लाभ कोविड-19 के कारण जीवन की हानि, सेवा के दौरान दुर्घटना से आकस्मिक मृत्यु होने पर मिलेगा. योजना में कर्मी का आशय राज्य सरकार के विभागों के कर्मचारी या उसके बोर्ड/निगम/प्राधिकरण/एजेंसी/कम्पनियों आदि द्वारा नियुक्त स्थायी, अनुबंधित, दैनिक वेतन, तदर्थ, आउटसोर्स एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि शामिल हैं.

योजना का लाभ
योजना में पात्र कर्मी के कल्याण के लिए उनके दावेदार को 50 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा. संगरोध अवधि (क्वारंटाइन पीरियड) के दौरान या कोविड योद्धाओं के उपचार के लिए किसी भी प्रकार का खर्च कर्मचारी या उसके दावेदार को भुगतान या देय नहीं होगा. योजना में दी गई राशि पात्र कर्मी द्वारा व्यक्तिगत रूप से ली गई अन्य बीमा पॉलिसी अथवा शासन के कर्मी के लिए लागू बीमा योजना के तहत मिलने वाली राशियों के अतिरिक्त होगी.

दावा राशि की पात्रता

दावा राशि के लिए पात्रता के क्रम में सर्वप्रथम पति या पत्नी होंगे. इनके न रहने की स्थिति में विधिक संतानों (विवाहित पुत्री को छोड़कर) एक से अधिक होने पर बराबर राशि वितरित होगी. विधवा, परित्यक्ता पुत्री, विधवा पुत्र वधू (यदि पूर्णत: आश्रित हो), माता-पिता, भाई-बहन (यदि वह पूर्णत: आश्रित हो) को क्रमिक रूप से दावा राशि की पात्रता होगी.



दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया

दावेदार को आवश्यक दस्तावेजों (परिशष्टि-1) के साथ दावा प्रपत्र भरकर संबंधित विभाग को प्रस्तुत करना होगा. संबंधित कार्यालय इस संबंध में आवश्यक प्रमाण-पत्र देगा और इसे सक्षम अधिकारी (Clause 7-जिला कलेक्टर) को अग्रे‍षित करेगा. सक्षम अधिकारी (जिला कलेक्टर) दावे को प्रसंस्करण करेगा, स्वीकृति जारी करेगा, बिल तैयार करेगा और दावे की राशि जारी करने के लिए जिला कोषालय में बिल जमा करवाएगा. कोषालय के द्वारा संबंधित व्यक्ति के खाते में राशि जारी की जाएगी.
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