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प्रदूषण को लेकर सख्‍त हुई MP सरकार, CM कमलनाथ ने जारी किए ये निर्देश

Anurag Shrivastav | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 23, 2019, 11:02 PM IST
प्रदूषण को लेकर सख्‍त हुई MP सरकार, CM कमलनाथ ने जारी किए ये निर्देश
प्रदेश सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए जिलों को दिए निर्देश.

मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल, इंदौर और देवास समेत छह शहर टॉप प्रदूषित शहरों में शामिल होने के बाद मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) एक्‍शन में आ गए हैं. उन्‍होंने जिलों को कई दिशा निर्देश जारी किए हैं.

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भोपाल. मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल, इंदौर और देवास समेत छह शहरों टाप प्रदूषित शहरों में शुमार हो गये है. राज्य के शहरों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी इंडेक्स (Ambient Air Quality Index) 241 पर पहुंच गया है. जबकि सांस लेने योग्‍य शुद्ध हवा का इंडेक्स 50 से कम होना चाहिए. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) की जारी रिपोर्ट के बाद सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. यकीनन देश के ग्रीन और क्लीन शहरों में टाप पर रहने वाले प्रदेश के शहरों में अब प्रदूषण का लेवल खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. पदूषण से परेशान सूबे के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) ने कई दिशा निर्देश जारी किए हैं.

इन शहरा में बढ़ा पदूषण
प्रदेश के छह बड़े शहरों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर तक जा पहुंच चुका है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की देश के 200 शहरों की निगरानी रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर, हावड़ा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद के बाद भोपाल शहर को सबसे ज्यादा प्रदूषित बताया गया है. इसके अलावा इंदौर, देवास, ग्वालियर, सागर और उज्जैन को नॉन अटेंटमेंट सिटी (ऐसे शहर जहां का प्रदूषण स्तर तय मानक से कही ज्यादा होता है) घोषित किया गया है. केंद्र की रिपोर्ट में भोपाल के प्रदूषण का स्तर औद्योगिक क्षेत्र मंडी दीप, देवास और रतलाम से भी ज्यादा दर्ज हुआ है. वहीं केंद्र की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज मंत्रालय में बढ़ते प्रदूषण पर पर्यावरण और दूसरे विभागों के साथ समीक्षा बैठक की और बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जरुरी निर्देश जारी किए.

मुख्यमंत्री ने जारी किए निर्देश

>>बड़े पैमाने पर प्लांटेशन करने.
>>बारिश से खराब सड़कों के मेंटनेंस को जल्द पूरा करने.
>>वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सफाई अभियान चलाने.
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>>मेकेनिकल स्ट्रीट स्वीपर और वाटर फॉगर्स खरीदी करने.
>>नई दिल्ली, चेन्नई, मुम्बई की तरह प्रदूषित शहरों की सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी करने.
>>रियल टाइम मॉनिटरिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने.
>>सीएनजी-एलपीजी को प्रोत्साहित करने.
>>पेट्रोल पम्पों पर प्रदूषण जांच केन्द्र बनाने.
>>पेट्रोल-डीजल में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कहा गया है.

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First published: October 23, 2019, 11:02 PM IST
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