मैडम 'मेरे घर में राशन खत्म हो गया, मेरी मदद करो'...चाइल्ड लाइन में आ रहे हैं ऐसे कॉल्स

चाइल्ड हेल्पलाइन पर राशन के लिए बच्चों के फोन
(सांकेतिक चित्र)
चाइल्ड हेल्पलाइन पर राशन के लिए बच्चों के फोन (सांकेतिक चित्र)

भोपाल चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन नम्बर पर 22 मार्च से लेकर 21 अप्रैल तक 182 मामले पहुँचे. इनमें अधिकांश शिकायतें बच्चों ने घर में राशन खत्म और खाना नहीं होने की हैं.

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भोपाल.मैडम, 'मेरे घर में राशन खत्म हो गया है...मेरी मदद करो.मेरे परिवार को किसी ने राशन नहीं दिया है..घर में जो कुछ राशन था वह खत्म हो गया है. हमारे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है.हमारी मदद कीजिए'.ऐसे कॉल्स इन दिनों चाइल्ड लाइन (childline) के हेल्पलाइन नंबर पर आ रहे हैं. दर्जनों शिकायतें बच्चों ने चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन पर की हैं. शिकायतों पर भोपाल चाइल्ड लाइन की टीम भी एक्शन में आ गयी और जुट गयी बच्चों की मदद में. इस काम में पुलिस-प्रशासन और जनता चाइल्ड लाइन का सहयोग कर रही है.

भोपाल चाइल्डलाइन की इंचार्ज अर्चना सहाय ने बताया कि हेल्पलाइन पर आने वाले भोपाल के फोन कॉल्स को हमारी टीम अटेंड करती है. हेल्पलाइन पर बच्चों ने अधिकांश राशन और खाना ना होने की बात कही. सबसे ज्यादा शिकायतें भोपाल के आउटर से मिली हैं. यह शिकायतें इसलिए मिली हैं क्योंकि शायद प्रशासन यहां तक राशन नहीं पहुंचा पाया था. कोलार के कजली खेड़ा से एक बच्चे ने घर में राशन खत्म होने की बात हेल्पलाइन पर बताई थी. उसने कहा था कि उसके घर पर किसी ने राशन नहीं दिया है. अब खाने के लिए घर में एक अनाज का दाना भी नहीं है. सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया. प्रशासन और जन सहयोग से राशन का सामान तत्काल घरों तक पहुंचाया गया.

182 फोन कॉल्स
घर में राशन खत्म होने पर बच्चों ने चाइल्ड लाइन का सहारा लिया. 1 महीने में 180 बच्चों और उनके परिवार की चाइल्ड लाइन ने मदद की. आंकड़ों के अनुसार भोपाल चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन नम्बर पर 22 मार्च से लेकर 21 अप्रैल तक 182 मामले पहुँचे. इनमें अधिकांश शिकायतें बच्चों ने घर में राशन खत्म और खाना नहीं होने की हैं. एक महीने में बच्चों के मिसिंग की तीन शिकायत, घर में राशन और भोजन न होने से संबंधित 156 शिकायत, ट्रैवल पास के लिए एक शिकायत, इलाज के लिए दो शिकायत, बच्चों के साथ मारपीट की 5 कॉल्स सहित टोटल182 मामले आए.
बच्चों ने वीडियो भी भेजे


टीम के पास कई बच्चों ने वीडियो बनाकर भी भेजे हैं. इन वीडियो में बच्चों ने घरों में राशन और खाना नहीं होने के बारे में बताया है. हालांकि जिन नंबरों से यह वीडियो आए हैं उनको समझाइश दी गई है कि बच्चों के इस तरीके के वीडियो बनाकर ना भेजें. यदि बच्चों को दिक्कत है तो उसे लेकर चाइल्ड लाइन के नंबर पर अपनी समस्या बताएं. बच्चों का इस्तेमाल इस तरीके से ना करें. अर्चना सहाय ने बताया कि उनके टी टी नगर स्थित ऑफिस में राशन का सामान रखा जाता है. यह सामान प्रशासन और जन सहयोग की मदद से आ रहा है. वहीं से पैकेट बनाकर शहर के अलग-अलग इलाकों में बच्चों और उनके परिवार तक पहुंचाया जाता है.

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