सिंथेटिक दूध सप्लाई मामला : सीएम ने कहा- लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

सिंथेटिक दूध का कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने तीन लोगों पर केस दर्ज किए. सिंथेटिक दूध के ये कारोबारी भिंड-मुरैना के हैं. इन तीनों पर धोखाधड़ी सहित अन्य कई धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: July 21, 2019, 9:51 PM IST
सिंथेटिक दूध सप्लाई मामला : सीएम ने कहा- लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
भोपाल - सिंथेटिक दूध सप्लाई का मुद्दा विधानसभा में भी उठाया गया.
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Updated: July 21, 2019, 9:51 PM IST
मध्य प्रदेश के कई जिलों में सिंथेटिक दूध के कारोबार किए जाने का मामला विधानसभा में जोरशोर से उठाया गया. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई. कांग्रेस के विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि सिंथेटिक दूध का लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा. इस मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्विटर के जरिए कहा कि काले कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने ऐसे लोगों को मानवता का दुश्मन बताते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाना बर्दाश्त नहीं होगा. बता दें कि सिंथेटिक दूध का कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया है. सिंथेटिक दूध के ये कारोबारी भिंड और मुरैना के हैं. इन तीनों पर धोखाधड़ी सहित अन्य कई धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं.

सिंथेटिक दूध पर मुख्यमंत्री कमलनाथ - CM Kamalnath on synthetic milk
सीएम कमलनाथ ने कहा कि काले कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


एक लीटर सिंथेटिक दूध की लागत मात्र 8 रुपये

एसटीएफ और खाद्य-औषधि प्रशासन के अफसरों ने बताया कि 40 रुपये लीटर सिंथेटिक दूध बेची जाती है. इसमें कारोबारी को सीधे-सीधे 32 से 34 रुपये का मुनाफा होता है. यानि प्रति लीटर सिंथेटिक दूध को बनाने में मात्र 6 से 8 रुपये की लागत आती है. ऐसा माना जा रहा है कि राज्य के विभिन्न जिलों में सिंथेटिक दूध का कारोबार करीब 2 करोड़ रुपये का है. बता दें कि जहरीले दूध के इस कारोबार में भिंड के लहार का एक चिलिंग सेंटर संचालक, मुरैना का एक डेयरी संचालक और आइस फैक्ट्री का मालिक शामिल है.

जल्द होगी आरोपियों की गिरफ्तारी

इस जहरीले दूध की असलियत पकड़ में न आए इसके लिए इसमें असली दूध को मिलाया जाता था. दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार यह खुलासा एसटीएफ और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों ने जांच में किया है. ग्वालियर में एसटीएफ के एसपी अमित सिंह ने कहा कि भिंड के लहार में संचालित गिर्राज चिलिंग सेंटर के डायरेक्टर संतोष सिंह, गोपाल आइस फैक्ट्री के संचालक राजीव गुप्ता और मुरैना के अंबाह में वनखंडेश्वर डेयरी के संचालक देवेंद्र गुर्जर के खिलाफ धोखाधड़ी और फूड सेफ्टी के तहत केस दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कहा कि जल्द ही इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. बता दें कि अंबाह की वनखंडेश्वर डेयरी से और लहार की दोनों फर्मों से सैंपल लिए गए थे. यहां से हजारों लीटर दूध के साथ ही सैकड़ों किलो पनीर जब्त किए गए थे.

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First published: July 21, 2019, 9:50 PM IST
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