सावधान ! कोरोना वैक्सीनेशन के नाम पर आप ठगे जा सकते हैं, CM शिवराज ने की कार्रवाई की मांग

सीएम शिवराज ने ठगों के खिलाफ एक्शन के निर्देश दिये

सीएम शिवराज ने ठगों के खिलाफ एक्शन के निर्देश दिये

Bhopal. बैतूल में ऐसे संगठित गिरोह (Gang) इस काम में उतर आए हैं, जो वैक्सीनेशन के स्लॉट खुलते ही सारे स्लॉट बुक कर लेते हैं. इस काम के लिए आरोपियों ने बाकायदा वॉट्सएप ग्रुप बना लिये हैं. अब ये हर स्लॉट की बुकिंग के एवज़ में लोगों से 800 से 1000 रुपये तक वसूल रहे हैं.

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भोपाल. मध्यप्रदेश में एंटी कोरोना वैक्सीन (Anti corona vaccine) लगवाने के नाम पर भी ठग (Thug) गिरोह सक्रिय हो गए हैं. वो वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठग रहे हैं. बात इतनी बढ़ गयी है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी इस पर ध्यान दिया है. उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा वैक्सीनेशन के लिए एक नकली स्लॉट का मामला भी सामने आया है. उन्होंने इस संबंध में तत्काल जांच कर दोषियों के‍ विरूद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए.

इस तरह के मामले आ रहे सामने...

बैतूल में इसी तरह का मामला सामने आया था. 18 से 44 साल की उम्र के युवाओं को इन दिनों वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुकिंग में काफी परेशानी हो रही है. बैतूल में ऐसे संगठित गिरोह इस काम में उतर आए हैं, जो वैक्सीनेशन के स्लॉट खुलते ही सारे स्लॉट बुक कर लेते हैं. इस काम के लिए आरोपियों ने बाकायदा वॉट्सएप ग्रुप बना लिये हैं. अब ये हर स्लॉट की बुकिंग के एवज़ में लोगों से 800 से 1000 रुपये तक वसूल रहे हैं. वहीं इंदौर पुलिस को cowin.gov.in की साइट हैकिंग के मामले में साइबर लॉ के एक स्टूडेंट ने मुंबई के रहने वाले हैकर की जानकारी दी है, जो साइट को हैक कर गैरकानूनी तरीके से एक्सेस कर सभी स्लॉट बुक कर रहा है. उससे टेलीग्राम पर जुड़े लोगों को इस वैक्सीनेशन स्लॉट की जानकारी दे रहा है. आईजी ने इस मामले को गंभीरता से लेकर पूरी जानकारी साइबर डिपार्टमेंट को फॉरवर्ड की है, जो तकनीकी तौर पर इसकी जांच कर रही है.


अस्पतालों से वसूला करीब 1 करोड़...

कोरोना के इस भीषण संकट के समय भी भ्रष्ट लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे. नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन से लेकर कालाबाज़ारी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं. प्रदेश में नकली रेमडेसिविर बेचने वालों, कालाबाजारी करने वाले 67 व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा अधिक शुल्क लिए जाने पर अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है. कुल 254 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए मरीजों के परिवार को 97 लाख 29 हजार रूपए की राशि वापस दिलाई गई है.

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