MP By-Election: शिवराज के बेटे कार्तिकेय ने संभाला प्रचार का जिम्मा, राजनीति में एंट्री के सवाल पर कही ये बात...

कार्तिकेय 2018 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार कर चुके हैं.
कार्तिकेय 2018 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार कर चुके हैं.

मध्‍य प्रदेश में 28 सीटों पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के बेटे कार्तिकेय (Karthikeya) ने बीजेपी के पक्ष में प्रचार की कमान संभाल ली है.

  • Share this:
भोपाल. मध्‍य प्रदेश का उपचुनाव नेता पुत्रों के लिए क्रैश कोर्स की तरह हो गया है. 2023 के चुनाव से पहले नेता पुत्र उपचुनाव के जरिए राजनीति की ट्रेनिंग लेकर खुद को मजबूत बनाने में जुटे हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान (Karthikeya Singh Chauhan) ने 28 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के पक्ष में प्रचार की कमान संभाल ली है. अब तक आधा दर्जन सीटों पर जनसंपर्क और सभा कर चुके कार्तिकेय सिंह चौहान ने न्यूज़ 18 से खास बातचीत में कहा है कि उपचुनाव में उनका प्रचार राजनीति में क्रैश कोर्स के लिए नहीं है बल्कि उपचुनाव में बीजेपी के पक्ष में मजबूत माहौल बनाने के लिए है.

कार्तिकेय ने कही ये बात
कार्तिकेय ने कहा है कि उनका चुनाव प्रचार कांग्रेस की वादा खिलाफी के विरोध में है. जबकि उन्‍होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सम्मानीय नेता बताया है, लेकिन पिछली सरकार के वादा खिलाफी को लेकर कमलनाथ पर निशाना भी साधा है. कार्तिकेय ने कहा कि पिछली सरकार ने कन्या विवाह योजना की राशि को रोक दिया. युवा वोटरों को रिझाने के सवाल पर कहा कि बीजेपी पार्टी का हर नेता युवा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी युवा नेता हैं. कार्तिकेय ने माना कि उनके प्रचार से युवा जल्दी कनेक्ट होते हैं. उन्‍होंने उपचुनाव में गूंज रहे रोजगार के मुद्दे पर कहा कि शिवराज सरकार पहले ही सरकारी नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता देने का ऐलान कर चुकी है. शिक्षा व्यवस्था को सुधारना सरकार की जिम्मेदारी है और आने वाले दिनों में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना सरकार की प्राथमिकता में होगा. आने वाले समय में उच्च शिक्षा की व्यवस्था को और सुधारा जाएगा.


कार्तिकेय ने कमलनाथ पर साधा निशाना


कार्तिकेय ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बुजुर्गों के तीर्थ दर्शन योजना, किसान कर्ज माफी नहीं करना और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं देने का गुनाह किया है. उन्‍होंने कहा कि डेढ़ साल में उपचुनाव के हालात नहीं आने चाहिए थे. इतने जल्दी प्रदेश की जनता पर चुनाव का भार नहीं आना चाहिए था. इसके लिए हम जनता से माफी मांगते हैं, लेकिन प्रदेश को बर्बाद होने से बचाने के लिए जरूरी था सत्ता परिवर्तन करना. कार्तिकेय ने दावा किया है कि सभी 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में बीजेपी जीत दर्ज करेगी.

राजनीति में एंट्री पर दिया ये जवाब
राजनीति में कार्तिकेय के एंट्री के सवाल पर कहा है कि बीजेपी में इस तरह की परंपरा नहीं है. जन सेवा में एंट्री होने की बात कही है. हालांकि कार्तिकेय ने इस बात का संकेत दे दिया है कि 2023 के चुनाव में पार्टी में उनकी क्या भूमिका होगी, यह पार्टी ही तय करेगी. दरअसल, इससे पहले कार्तिकेय 2018 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार कर चुके हैं. और अब भाषण शैली में शिवराज को टक्कर दे रहे कार्तिकेय के प्रचार का तरीका बता रहा है कि अब वह भी मंजे हुए राजनेता की तरह अपनी छवि विकसित कर चुके हैं और आने वाले चुनाव में उनकी भूमिका नई पारी के साथ शुरू हो सकती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज