छात्रा ने की मौत की 'ऑनलाइन शॉपिंग', सुसाइट नोट में लिख गयी-मेरे अंग दान कर देना

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 2, 2019, 2:56 PM IST
छात्रा ने की मौत की 'ऑनलाइन शॉपिंग', सुसाइट नोट में लिख गयी-मेरे अंग दान कर देना
राजधानी भोपाल में कॉलेज स्टूडेंट ने सुसाइड किया

प्रियाली के कमरे से एक नोट मिला है. उस पर लिखा है-मैं लाइफ से थक चुकी हूं.मैं आगे जीना नहीं चाहती हूं

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भोपाल (bhopal) में कॉलेज की एक छात्रा ने ख़ुदक़ुशी (suicide)कर ली. उसने अपनी मौत को बेहद प्लान्ड तरीके से अंजाम दिया. छात्रा ने ऑनलाइन शॉपिंग (online shopping) के ज़रिए मौत का सामान बुलवाया और फिर मौत की नींद सो गयी. सुसाइड नोट (suicide note)में लिखा ज़िंदगी से थक गयी थी इसलिए जा रही हूं. मेरे ऑर्गन डोनेट कर देना.

हॉस्टल में सुसाइड-

राजधानी भोपाल में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर यानि एसपीए की फाइनल ईयर की छात्रा प्रियाली डे अब नहीं हैं. प्रियाली ने खुदक़ुशी कर ली. वो असम की रहने वाली थी. भोपाल में कॉलेज कैंपस में बने गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी. वहीं उसने मौत को गले लगाया.

प्रियाली डे असम के सिल्चर की रहने वाली थी


बिस्तर पर पड़ी थी लाश- प्रियाली के पड़ोस के कमरे में रहने वाली छात्राएं मार्केट गई हुई थीं.रात दस बजे जब वो सब लौटीं तो कमरा अंदर से बंद मिला. स्टूडेंट्स ने कई बार आवाज़ दी. जब अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो छात्राओं ने बगल के कमरे की बालकनी से प्रियाली के कमरे में झांका. प्रियाली बिस्तर पर बेसुध पड़ी हुई थी.छात्राओं ने तुरंत वॉर्डन को ख़बर दी और फिर कमरे दरवाजा तोड़कर हॉस्टल की एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया. लेकिन तब तक तो देर हो चुकी थी. प्रियाली की मौत हो गयी थी.

मौत की शॉपिंग
बताया जा रहा है कि प्रियाली ने 23 अगस्त को ऑनलाइन शॉपिंग कर ऑर्गन गैस सिलेंडर हॉस्टल के अपने पते पर बुलाया था. उसने मार्केट से उसका नोजल और पाइप खरीदा था. ऑर्गन गैस का इस्तेमाल वेल्डिंग और आयरन कटिंग में किया जाता है.प्रियाली ने मुंह में नोजल लगाकर गैस शरीर में डाल ली. ज़हरीली गैस शरीर में जाने की वजह से उसकी लंग्स ने काम करना बंद कर दिया और फिर मौत हो गयी. बताया जा रहा है कि प्रियाली का गोवा में दो-तीन बार एक्सीडेंट हो चुका था. उसे काफी चोट लगी थीं और तब से उसका इलाज चल रहा था. प्रियाली तब से परेशान थी. हो सकता है उसी परेशानी के कारण उसने सुसाइड किया.
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प्रियाली का सुसाइड नोट
प्रियाली के कमरे से एक नोट मिला है. उस पर लिखा है-'मेरी सोचने, समझने की क्षमता नहीं बची है.मैं लाइफ से थक चुकी हूं.मैं आगे जीना नहीं चाहती हूं...मैं जो कर रही हूं सोच समझकर कर रही हूं...मेरे ऑर्गन डोनेट कर दिए जाएं...'
प्रियाली तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी.मौत की ख़बर पाकर उसके भाई प्रियाली के शव को विमान से सिलचर ले गए.

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First published: September 2, 2019, 2:44 PM IST
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