MP में जनता को सबसे ज़्यादा शिकायत पुलिस से, इसलिए वो पहुंचती है MPS-HRC

एक अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में हर साल दस हजार शिकायतें आती हैं.उनमें से 3 हज़ार पेंडिंग रह जाती हैं.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 21, 2019, 6:56 PM IST
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 21, 2019, 6:56 PM IST
पुलिस भले ही आम जनता की हिफाजत के लिए कुछ भी करे लेकिन लोगों को सबसे ज़्यादा शिकायतें उसी से हैं. मध्यप्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग की रिपोर्ट इसकी पुष्टि कर रही है. आयोग में हर साल सबसे ज़यादा शिकायतें पुलिस के ख़िलाफ ही पहुंचती हैं.

मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के पास हर साल मध्यप्रदेश पुलिस की शिकायतें सबसे ज़्यादा पहुंचती हैं. आयोग में पहुंचने वाली कुल शिकायतों में 65 प्रतिशत से ज्यादा मामले पुलिस से जुड़े आते हैं.इन्हीं मामलों पर सबसे ज्यादा ध्यान भी दिया जाता है.

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इनमें पुलिस प्रताड़ना, कस्टडी में मौत, झूठी एफआईआर और पुलिस पर लगे आरोपों की शिकायत होती है. आयोग इन्हें गंभीरता से लेता है और शिकायतें दूर करने के लिए पुलिस विभाग को तलब भी करता है.

अगर आंकड़ों पर नज़र डालें तो-
साल               शिकायत  निराकरण  लंबित
2015-2016    11393    12976     2002
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2016-2017    9535       9431      2106
2017-2018    10256     8167      4195

एक अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में हर साल दस हजार शिकायतें आती हैं.आयोग की कोशिश रहती है कि वो ज़्यादा से ज़्यादा केस निपटाए. लेकिन स्टाफ और संसाधनों की कमी की वजह से हर शिकायत का निपटारा नहीं हो पाता है. करीब 3 हज़ार शिकायतें पेंडिंग ही रह जाती हैं.

ये है शिकायत का प्रतिशत?
पुलिस-65%
जेल-15%
स्वास्थ्य-10%
स्थानीय प्रशासन-10%

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First published: February 21, 2019, 6:55 PM IST
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