दिग्विजय के समर्थन में धुनी रमाएंगे सात हज़ार साधु-संत, कम्प्यूटर बाबा के हाथ में कमान
Bhopal News in Hindi

दिग्विजय के समर्थन में धुनी रमाएंगे सात हज़ार साधु-संत, कम्प्यूटर बाबा के हाथ में कमान
फाइल फोटो

7,8 और 9 मई को कंप्यूटर बाबा भोपाल में दिग्विजय सिंह के समर्थन में तप करेंगे और उनके साथ सात हज़ार से ज़्यादा साधु संत धूनी रमाएंगे

  • Share this:
भोपाल लोकसभा सीट पर चुनावी घमासान में अब साधु-संतों की एंट्री हो चुकी है. बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा तो उसका जवाब देने के लिए दिग्विजय सिंह भी साधुओं की फौज उतार रहे हैं. दिग्विजय सिंह की तरफ से खुद कम्प्यूटर बाबा ने मोर्चा संभाल लिया है और अब हज़ारों साधु प्रचार के लिए आने वाले हैं. आने वाले 3 दिन में 7 हज़ार साधु भोपाल आ रहे हैं.

शिवराज में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ऐसे बीजेपी से ऐसे रूठे कि कांग्रेस का हाथ थामा और अब बीजेपी को सबक सिखाने के लिए तैयार हैं. वो खुद तो दिग्विजय सिंह के लिए प्रचार करेंगे ही अपने साधु-संतों की जमात को भी लगाएंगे. समर्थन ऐसा कि कम्प्यूटर बाबा धूनी भी रमाएंगे और रोड-शो भी करेंगे.

ये भी पढ़ें -MP: दिग्विजय ने भोपाल फतह करने के लिए निकाला राजनीति का सबसे 'अचूक' फार्मूला



कंप्यूटर बाबा सात हजार संतों के साथ राजधानी भोपाल में डेरा डाल रहे हैं. संतों का तप तीन दिन चलेगा. 7,8 और 9 मई को कंप्यूटर बाबा भोपाल में दिग्विजय सिंह के समर्थन में तप करेंगे और उनके साथ सात हज़ार से ज़्यादा साधु संत धूनी रमाएंगे. वो साधना कर दिग्विजय सिंह की जीत की कामना करेंगे. इस जप और तप का समापन 9 मई को होगा जब पूरे भोपाल में ये संत समाज रोड-शो करता निकलेगा.
ये भी पढ़ें-बीजेपी ने जारी किया आरोप पत्र : कमलनाथ को बताया ‘बंटाधार का नया अवतार’

कंप्यूटर बाबा कहते है कि ये सच में धर्म औऱ अधर्म की लड़ाई है.शिवराज ने खुद हिम्मत क्यों नहीं की दिग्विजय सिंह के सामने उतरने की. भाजपा अब जेल जाने वालों के साथ है. साधु संत तो कांग्रेस के साथ हैं. कम्प्यूटर बाबा ने कहा भाजपा सरकार खुद धर्म विरोधी है.हम नर्मदा को बचाने के लिए भाजपा में गए थे लेकिन सरकार ने साथ नहीं दिया. महाराष्ट्र एटीएस चीफ शहीद हेमंत करकरे की शहादत पर प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी के बारे में कम्प्यूटर बाबा बोले-साधु संत कभी श्राप नहीं देते.

कुल मिलाकर भोपाल सीट पर मुक़ाबला रोचक है. मैदान में उतरी संतों की टीम इसे धर्म और अधर्म, न्याय-अन्याय की लड़ाई बता रही है. हिंदुत्व औऱ सॉफ्ट हिंदुत्व का ज़िक्र हो रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज