MP: दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, बोले- विचारधारा से समझौता नहीं किया
Bhopal News in Hindi

MP: दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, बोले- विचारधारा से समझौता नहीं किया
कांग्रेस की टिकट पर दिग्विजय जाएंगे राज्यसभा (File Photo)

मध्य प्रदेश में जल्द ही राज्यसभा (Rajya Sabha Election) की तीन सीटों के लिए चुनाव होने हैं. तमाम अटकलों को विराम देते हुए कांग्रेस ने दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को प्रत्याशी बनाया है.

  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश में जल्द ही राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने हैं. तमाम अटकलों को विराम देते हुए कांग्रेस ने दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को अपनी प्रत्याशी बनाया है. मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के दिग्‍गज नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को राज्‍यसभा के लिए पर्चा दाखिल किया. इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्‍होंने कभी भी विचारधारा से समझौता नहीं किया और न ही उन्‍होंने कभी पद का लालच रखा.

'MP में फ्लोर टेस्‍ट के लिए तैयार'
दिग्विजय सिंह ने नॉमिनेशन फाइल करने के बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सीएम कमलनाथ का धन्यवाद किया. उन्‍होंने कहा, 'मैंने अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया. मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं. देश में इस समय साम्प्रदायिक शक्तियां हावी हैं. बीजेपी अपनी सरकार बनाने के लिए जिस तरह के हथकंडे अपना रही है, उसे जनता को समझना चाहिए. ये प्रजातंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है. हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं.'

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के बीजेपी में जाने के मामले पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उनको राज्यसभा की सीट भी ऑफर की थी. दिग्विजय सिंह ने कहा, 'हमने उन्हें राज्यसभा की सीट ऑफर की थी, हम इससे ज्यादा भी कुछ करने वाले थे. उन्हें इस बात का जनता के सामने खंडन करने दो. ज्योतिरादित्य कई महीनों से कांग्रेस पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे थे.'
गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और उनके साथ ही 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है.



मध्य प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम और ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विधानसभा में कमलनाथ सरकार के बहुमत साबित करने का विश्वास जताते हुए बुधवार को दावा किया कि 22 बागी विधायकों में 13 ने कांग्रेस नहीं छोड़ने का भरोसा दिया है. सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं से यह समझ पाने में गलती हुई कि सिंधिया कांग्रेस छोड़ने जैसा कदम उठा सकते हैं. उन्होंने कहा कि वह कैबिनेट मंत्री बनने की ‘अतिमहत्वाकांक्षा’ के चलते भाजपा में शामिल हुए हैं.

सिंह ने बातचीत में कहा, ‘‘यह गलती हमसे हुई कि हम यह नहीं समझ पाए कि वह कांग्रेस छोड़ देंगे। कांग्रेस ने उन्हें क्या नहीं दिया. चार बार सांसद बनाया, दो बार केंद्रीय मंत्री बनाया और कार्य समिति का सदस्य और महासचिव बनाया.’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस 122 विधायकों के रहते हुए आसानी से उन्हें राज्यसभा भेज सकती थी. लेकिन हम उन्हें कैबिनेट मंत्री नहीं बना सकते थे। सिर्फ मोदी-शाह उन्हें कैबिनेट मंत्री बना सकते थे, हम नहीं.’

सिंह का यह बयान उन खबरों के संदर्भ में आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि सिंधिया समर्थक विधायकों के मध्य प्रदेश में सरकार बनाने में शिवराज सिंह चौहान का समर्थन करने के बदले में उन्हें (सिंधिया को) मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज