कांग्रेस ने बीजेपी से हथियाया हिंदुत्व का एजेंडा, कमलनाथ सरकार बदलेगी एमपी में शासन की छवि

विधानसभा चुनाव से पहले बड़े वोट बैंक को साधने के लिए कांग्रेस नेताओं ने मंदिर-मंदिर जाकर दर्शन किए और संदेश दिया कि कांग्रेस हिन्दुओं की विरोधी नहीं है.

Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 21, 2019, 9:57 PM IST
Anurag Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 21, 2019, 9:57 PM IST
मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अब हिंदुत्व के एजेंडे पर है. विधानसभा चुनाव में हिंदुवादी छवि के साथ सत्ता के सिंहासन पर पहुंची कांग्रेस सरकार ने अपनी प्राथमिकता में हिंदुत्व ऊपर कर दिया है. बीजेपी के एजेंडे को हथियाते हुए कांग्रेस ने इसे अपना बड़ा एजेंडा बना लिया है. विधानसभा चुनाव से पहले बड़े वोट बैंक को साधने के लिए कांग्रेस नेताओं ने मंदिर-मंदिर जाकर दर्शन किए और संदेश दिया कि कांग्रेस हिन्दुओं की विरोधी नहीं है.

हिन्दुत्व कार्ड खेलने की तैयारी में कांग्रेस

हालांकि, उस दौरान कांग्रेस नेताओं के मंदिर जाने के कदम को बीजेपी ने ढोंग बताया. कांग्रेस सरकार ने अब बीजेपी को अपने जवाब में धर्म के प्रति अपनी आस्था जताना शुरु कर दिया है. इसके लिए सरकार ने धार्मिक स्थलों की तस्वीर बदलने का बड़ी योजना तैयार की है. सीएम कमलनाथ के निर्देश पर आधा दर्जन विभाग हिंदुओं की आस्था वाले स्थलों की तस्वीर बदलने में जुट गये है. सिर्फ इतना ही नहीं बीजेपी की तीर्थ दर्शन योजना को हरी झंडी दिखाते हुए सरकार रामेश्वर के लिए श्रद्धालुओं की ट्रेन भेजने की तैयारी कर रही है.

हिंदुवादी छवि गढ़ने की तैयारी में कमलनाथ सरकार

कमलनाथ सरकार ने अपनी हिंदुवादी छवि चमकाने के लिए प्लान तैयार किया है. जिसके तहत सभी बड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए एप्रोच रोड के निर्माण का निर्णय लिया गया है. बड़े मंदिर और मठों के आसपास आस्था के मुताबिक विकास किया जाएगा. श्रद्धालुओं को मंदिरों के पास ठहरने के लिए भवन तैयार होंगे. धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए सर्किट बनाया जाएगा. धार्मिक पर्यटन सर्किट के साथ छोटे मंदिरों को भी जोड़ा जाएगा. मंदिरों की जमीन पर हुए अतिक्रमण को सख्ती के साथ हटाया जाएगा. आदिवासी धार्मिक पर्यटन के केंद्रों को विकसित किया जाएगा. कांग्रेस की कोशिश है कि जिन वादों और दावों के जरिए बीजेपी पंद्रह साल तक सत्ता के सिंहासन पर टिकी रही. उस सिंहासन को बरकरार रखने के लिए धार्मिक पर्यटनों को विकसित कर लंबे समय तक सत्ता के सिंहासन पर डटे रहा जाए. वहीं बीजेपी ने धर्म के साथ विकास को जोड़ने पर आपत्ति जताई है.

मध्य प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए एप्रोच रोड के निर्माण का निर्णय लिया गया है. बड़े मंदिर और मठों के आसपास आस्था के मुताबिक विकास किया जाएगा.
मध्य प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए एप्रोच रोड के निर्माण का निर्णय लिया गया है. बड़े मंदिर और मठों के आसपास आस्था के मुताबिक विकास किया जाएगा.


धार्मिक और पर्यटन स्थलों को विकसित करेगी सरकार
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बहरहाल, प्रदेश में ऐसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों की भरमार है, जहां हर दिन हजारों भक्त दर्शन के लिए आते हैं. लेकिन इनमें से ज्यादातर अब भी पर्यटकों की जरुरतों के मुताबिक विकसित नहीं हुए हैं. आलम ये भी है कि इन धार्मिक स्थलों तक पहुंच पाने में खस्ताहाल सड़कें बड़ा रोड़ा साबित होती है. लेकिन अब कमलनाथ सरकार धार्मिक स्थलों को विकसित कर न सिर्फ स्थानीय रोजगार को बढ़ाने देने जा रही है बल्कि अपना खजाना भी भरने की तैयारी में है.

कांग्रेस अब बीजेपी के हिंदुत्व के एजेंडे को हथिया कर खुद को सबसे बड़ी हिंदुवादी पार्टी बताने की कोशिश कर रही है.
कांग्रेस अब बीजेपी के हिंदुत्व के एजेंडे को हथिया कर खुद को सबसे बड़ी हिंदुवादी पार्टी बताने की कोशिश कर रही है.


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First published: July 21, 2019, 9:57 PM IST
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