MP उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए कांग्रेस ने संगठन में की थी ढेरों नियुक्तियां, अब PCC ने मांगी रिपोर्ट

अब आलम यह है कि पार्टी उपचुनाव के दौरान हुई नियुक्तियों को लेकर जल्दी कोई बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. (सांकेतिक फोटो)
अब आलम यह है कि पार्टी उपचुनाव के दौरान हुई नियुक्तियों को लेकर जल्दी कोई बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. (सांकेतिक फोटो)

उपचुनाव के दौरान बड़े नेताओं की सिफारिश पर पीसीसी (PCC) ने जिला से लेकर प्रदेश इकाई तक ढेरों नियुक्तियां की थीं.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 28 विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जीत के लिए स्थानीय नेताओं को खुश करने की कोशिश की थी. कांग्रेस पार्टी ने 28 सीटों पर प्रचार प्रसार के लिए प्रभारी, सह प्रभारी से लेकर संगठन में ढेरों नियुक्तियां कर डाली थी. विधानसभा वार कार्यकर्ताओं को खुश करने के लिए जिला संगठन से लेकर प्रदेश इकाई तक में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई थीं. लेकिन उपचुनाव में कांग्रेस का यह दांव फेल साबित हो गया. 28 सीटों के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी सिर्फ 9 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी. कांग्रेस (Congress) ने अब उपचुनाव के दौरान विधानसभा वार बनाए गए प्रचार प्रसार के लिए प्रभारी और से प्रभारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी है. साथ ही पार्टी संगठन में हुई नियुक्तियों (Appointments) पर भी मंथन कर रही है. पीसीसी ने जिला इकाइयों से रिपोर्ट मांगी है. किस पदाधिकारी ने कांग्रेस के पक्ष में कितना जोर लगाने का काम किया है. जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा.

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है उपचुनाव के दौरान हुई नियुक्तियां कांग्रेस के पक्ष में असरदार थी. यही कारण है कि 9 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है, लेकिन नियुक्तियों पर फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ लेंगे. उप चुनाव के दौरान ढेरों नियुक्ति पत्र जारी करने वाली कांग्रेस में अब नियुक्तियों को रद्द करने को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसा है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है के उपचुनाव में कांग्रेस का दाव नहीं चला और अब कांग्रेस पार्टी को समझ लेना चाहिए कि चुनाव जीतने के लिए नियुक्तियों का सहारा नहीं बल्कि जनता में अपनी पकड़ बनाना होती है.





नियुक्तियों को लेकर जल्दी कोई बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है
दरअसल, उपचुनाव के दौरान बड़े नेताओं की सिफारिश पर पीसीसी ने जिला से लेकर प्रदेश इकाई तक ढेरों नियुक्तियां की थीं. बताया जा रहा है कि प्रचार प्रसार के प्रभारी, सहप्रभारी से लेकर करीब 2000 नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे, ताकि उपचुनाव वाली सीटों पर कांग्रेस के पक्ष में मजबूती के साथ माहौल बन सके. लेकिन नियुक्ति पत्र लेकर अपने जिलों में पहुंचे नेताओं ने कांग्रेस को मजबूत कम और बीजेपी को कांग्रेस के को घेरने का मौका ज्यादा दिया था. और अब आलम यह है कि पार्टी उपचुनाव के दौरान हुई नियुक्तियों को लेकर जल्दी कोई बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है.
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