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भोपाल: स्वास्थ्य विभाग की गलती आई सामने, तो मरीजों की रिपोर्ट बना दी पॉजिटिव

भोपाल: स्वास्थ्य विभाग की गलती आई सामने, तो मरीजों की रिपोर्ट बना दी पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग ने अपनी गलती सामने आने पर मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव बना दी (फाइल फोटो)

स्वास्थ्य विभाग ने अपनी गलती सामने आने पर मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव बना दी (फाइल फोटो)

जब स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के अधिकारियों की गलती सामने आई तो इस पर पर्दा डालने के लिए उन्होंने सभी मरीजों की पॉजिटिव रिपोर्ट बना दी.

भोपाल. स्वास्थ्य विभाग (Health Department) में लापरवाहियों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा. एक तरफ जहां कई कर्मचारियों का आरोप है की उनके टेस्ट (Test) तो किए जा रहे हैं पर रिपोर्ट हफ्तों बाद तक नहीं मिल पा रही है, तो वहीं कुछ का आरोप है की ड्यूटी करते टाइम कर्मचारी पॉजिटिव संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लेकिन फिर भी कर्मचारियों का टेस्ट नहीं किया गया. इन सब के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जहां निगेटिव आए मरीजों को विभाग ने पॉजिटिव करार कर अस्पताल में भर्ती करा दिया. विभाग की दूसरी बड़ी लापरवाही यह है कि मरीजों को रिपोर्ट नहीं दी जा रही. एक मरीज ने बताया कि उन्हें आज तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली कि वे पॉजिटिव हैं. उन्हें पुलिस थाने से फोन आया और कहा कि वे पॉजिटिव हैं, साथ ही कहा गया कि बैग तैयार कर लें दो घंटे बाद अस्पताल ले जाया जाएगा.

मानसिक प्रताड़ना झेल रहे लोग
गलतियों के भुक्तभोगी इनमें से कुछ स्वास्थ्य विभाग के ही कर्मचारी हैं. विभाग की इस लापरवाही के चलते इन लोगों को बिना किसी कारण ना सिर्फ 14 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ा, बल्कि इनके परिवार को भी मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा. जब विभाग के अधिकारियों की गलती सामने आई तो इस पर पर्दा डालने के लिए उन्होंने सभी मरीजों की पॉजिटिव रिपोर्ट बना दी.

रिपोर्ट में गलती
पहला केस में जेपी अस्पताल में कम्प्यूटर संजय सातलकर को पॉजिटिव बताकर चिरायु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. हालांकि संजय को उनकी रिपोर्ट नहीं दी गई. तीन दिन बाद स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल में संजय को निगेटिव बताया गया. उनके सहकर्मियों ने इस बात का जिक्र जब अधिकारियों से किया तो जवाब मिला कि अब मरीजों के बीच जाने से तो पॉजिटिव हो गए हो इसलिये चलने दो उपचार. दूसरे केस में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी विदोद सूरी को पॉजीटिव होने पर पुलिस की टीम एंबुलेंस से चिरायु अस्पताल में एडमिट करा आई. 14 दिन तक इलाज के बाद उन्हें बुधवार को डिस्चार्ज किया गया तो उनके ही अधिकारी ने कहा कि तुम निगेटिव थे. गलती से तुम्हारा नाम पॉजिटिव मरीजों में लिख दिया गया. ये जानने के बाद से कर्मचारी सदमे में है.

सीएमएचओ का अजीब जवाब
विभाग की गलती से प्रताड़ित लोगों ने जब सीएमएचओ को फोन कर विभाग की गलती बताई तो वहां से अजब ही जबाव मिला. उन्होंने मरीजों से कहा कि रिपोर्ट के निगेटिव आने से कुछ फर्क नहीं पड़ता. अस्पताल में जाने के बाद अब आप ऑटो पॉजिटिव हो गए ऐसे में आपको वहीं रहना होगा.

निजी अस्पताल ने भुगता पड़ा खामियाजा
सिर्फ परिवार ही नहीं, विभाग की इस गलती का असर भोपाल फ्रैक्चर अस्पताल को भी उठाना पड़ा. दरअसल यहां विनोद सूरी का माइनर ऑपरेशन किया गया था. गलत रिपोर्ट के बाद विनोद को चिरायु ले जाया गया और भोपाल फ्रैक्चर अस्पताल के सभी कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया गया.​

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Tags: Bhopal news, Corona, Coronavirus in India, COVID 19, Health, Hospital, Madhya pradesh news

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