दिग्विजय सिंह ने बताया किसको दें अयोध्या की विवादित भूमि, इस अखाड़े से लें सलाह!

उन्होंने बताया कि 1993 में नरसिम्हा राव सरकार ने रमाला ट्रस्ट को अविवादित भूमि देने का फैसला किया था, मगर लागू नही हो सका

News18 Madhya Pradesh
Updated: January 29, 2019, 3:31 PM IST
दिग्विजय सिंह ने बताया किसको दें अयोध्या की विवादित भूमि, इस अखाड़े से लें सलाह!
दिग्विजय सिंह File Photo
News18 Madhya Pradesh
Updated: January 29, 2019, 3:31 PM IST
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या की विवादित भूमि पर बयान दिया है. उन्होंने सलाह दी है कि अयोध्या की विवादित भूमि को किस को देनी है, इस पर निर्मोही अखाड़ा से सलाह लें. उन्होंने बताया कि 1993 में नरसिम्हा राव सरकार ने रमाला ट्रस्ट को विवादित भूमि देने का फैसला किया था, मगर लागू नही हो सका.

दिग्विजय सिंह ने दोहराते हुए कहा कि भूमि किसे देनी है निर्मोही अखाड़ा से पूछें लेकिन प्रथमिकता रमाला ट्रस्ट को देनी चाहिए. दिग्विजय सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर केंद्र सरकार चुनाव जीतने का रास्ता ढूंढ रही है.



बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इस तारीख को जस्टिस एसए बोबडे मौजूद नहीं रहेंगे. आगे किस कब सुनवाई होगी इस घोषणा जल्द ही की जाएंगी. पहले ये सुनवाई मंगलवार को होनी थी. इस महीने यह दूसरी बार है जब अयोध्‍या मामले की सुनवाई टली है. जस्टिस यूयू ललित के बेंच से हटने के बाद सुनवाई 10 जनवरी से बढ़ा दी गई थी.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की पुरानी बेंच में जस्टिस यूयू ललित के नाम पर आपत्ति जताई गई थी. इसके बाद उन्‍होंने अपना नाम वापस ले लिया था. इससे पहले अयोध्‍या मामले पर सुनवाई के लिए 10 जनवरी की तारीख तय की गई थी और इनमें चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस बोबड़े और जस्टिस ललित व जस्टिस एनवी रमन्‍ना के नाम थे.

(इनपुट-दिल्ली से अशरफ काजमी)

यह पढ़ें- अयोध्‍या केस: फिर टली सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जल्‍द होगा नई तारीख का ऐलान
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...