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निकाय चुनाव के प्रचार में कहां हैं दिग्विजय सिंह? पूर्व सीएम की गैर मौजूदगी से बीजेपी पशोपेश में

Congress Campaign in Nikaye Chunav. दिग्विजय सिंह की मौजूदगी और बयान के कारण चुनाव प्रचार भी गर्माया रहता है.

Congress Campaign in Nikaye Chunav. दिग्विजय सिंह की मौजूदगी और बयान के कारण चुनाव प्रचार भी गर्माया रहता है.

MP Congress News. 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में बड़ा फैक्टर दिग्विजय सिंह की रणनीति थी. सिंधिया स्टार प्रचारक रहे और उनकी वजह से ग्वालियर-चंबल में बड़ी जीत कांग्रेस को मिली. लेकिन बाकी पूरे मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह ने ही पार्टी की जड़ें मजबूत की थीं. कार्यकर्ताओं पर उनकी जमीनी पकड़ ने ही पार्टी को सत्ता दिलायी थी. सिंधिया के साथ उनके 22 समर्थक सहित 25 विधायक ही गए थे जबकि बाकी विधायक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के साथ ही मजबूती से खड़े रहे. सिंधिया-कमलनाथ और दिग्विजय की तिकड़ी के साथ अरुण यादव, अजय सिंह, सुरेश पचौरी सहित पूरी एकजुट कांग्रेस ने बीजेपी को मात दे दी थी.

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भोपाल. हर चुनाव में सक्रिय रहने वाले कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पहली बार नगरीय निकाय के चुनाव में प्रचार करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने इस बार नगरीय निकाय चुनाव में प्रचार से दूरी बनाकर रखी है. हालांकि इसे उनकी किसी तरह की नाराजगी नहीं बल्कि कांग्रेस की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

दिग्विजय सिंह के बयान से लेकर उनके प्रचार करने के तौर-तरीके भी हमेशा चर्चा में रहते हैं. बीजेपी दिग्विजय के सिंह के साथ कांग्रेस पर हमलावर हो जाती है. चुनाव में हर बार इसका खामियाजा पार्टी को वोट कटने के साथ उठाना पड़ता है. यही वजह है कि दिग्विजय सिंह फ्रंट फुट पर आने के बजाय पर्दे के पीछे से पार्टी को संभाले हुए हैं.

बागियों को मनाने की जिम्मेदारी
दिग्विजय सिंह भोपाल नगर निगम चुनाव में अब तक फ्रंट फुट पर नहीं आये हैं. जबकि महापौर पद की प्रत्याशी विभा पटेल उन्हीं के खेमे की हैं. अभी तक दिग्विजय सिंह कहीं भी चुनाव प्रचार करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं. हालांकि दिग्विजय सिंह ने पार्टी की गुटबाजी रोकने के लिए बागियों के घर घर जाकर उन्हें मनाया. पार्टी नेताओं के बीच समन्वय बनाने में दिग्विजय सिंह बड़ा रोल अदा कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे बैठकर कार्यकर्ताओं की रणनीति तय कर रहे हैं. लेकिन नगरीय निकाय चुनाव में दिग्विजय सिंह कहीं भी प्रचार करते हुए नजर नहीं आ रहे.

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सुरेश पचौरी-पीसी ने संभाली कमान
यही वजह है कि दिग्विजय सिंह की जगह अब सुरेश पचौरी ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है. भोपाल में पार्षद से लेकर महापौर तक के चुनाव प्रचार में सुरेश पचौरी और पीसी शर्मा फ्रंट पर नजर आ रहे हैं. कांग्रेस का कहना है दिग्विजय सिंह लगातार बैठक कर रहे हैं. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा बड़े नेता जहां खड़े होते हैं वहीं पूरे क्षेत्र में मैसेज चला जाता है. कमलनाथ  4 जुलाई को भोपाल में रोड शो करेंगे.

बीजेपी पशोपेश में
नगरीय निकाय चुनाव में दिग्विजय सिंह के फ्रंट फुट पर नहीं होने से बीजेपी भी इस बार पशोपेश में है. हर बार दिग्विजय सिंह के बहाने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने वाली बीजेपी को इस बार सीधा हमला करने का मौका नहीं मिल रहा है. हालांकि बीजेपी जानती है कि पर्दे के पीछे की सारी रणनीति दिग्विजय सिंह की ही है. पार्टी प्रवक्त हितेश वाजपेयी कहते हैं- दिग्विजय सिंह के पास नए कामों की जिम्मेदारी है. वो राजनीतिक परिदृश्य में सामने भले ही नजर नहीं आ रहे लेकिन पीछे से सारा कंट्रोल उन्हीं का है.

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परदे के पीछे रणनीति
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में बड़ा फैक्टर दिग्विजय सिंह की रणनीति थी. सिंधिया स्टार प्रचारक रहे और उनकी वजह से ग्वालियर-चंबल में बड़ी जीत कांग्रेस को मिली. लेकिन बाकी पूरे मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह ने ही पार्टी की जड़ें मजबूत की थीं. कार्यकर्ताओं पर उनकी जमीनी पकड़ ने ही पार्टी को सत्ता दिलायी थी. सिंधिया के साथ उनके 22 समर्थक सहित 25 विधायक ही गए थे जबकि बाकी विधायक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के साथ ही मजबूती से खड़े रहे. सिंधिया-कमलनाथ और दिग्विजय की तिकड़ी के साथ अरुण यादव, अजय सिंह, सुरेश पचौरी सहित पूरी एकजुट कांग्रेस ने बीजेपी को मात दे दी थी. हालांकि 6 महीने बाद ही हुए लोकसभा चुनाव में वो बीजेपी का गढ़ बन चुकी भोपाल सीट पर हार गए थे. नगरीय निकाय चुनाव को विधानसभा चुनाव 2023 का सेमिफायनल माना जा रहा है. इसलिए इस बार भी दिग्विजय सिंह होमवर्क करके कांग्रेस के लिए मजबूत रणनीति बना रहे हैं ताकि अगली बार कोई चूक न हो.

Tags: Digvijay singh, Madhya Pradesh Congress, Municipal Corporation Elections

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