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ज्योतिरादित्य सिंधिया ही नहीं MP के ये दिग्‍गज नेता भी कर चुके हैं अपने Twitter बायो में बदलाव

News18 Madhya Pradesh
Updated: November 26, 2019, 5:12 PM IST
ज्योतिरादित्य सिंधिया ही नहीं MP के ये दिग्‍गज नेता भी कर चुके हैं अपने Twitter बायो में बदलाव
सिंधिया के Twitter बायो में बदलाव के बाद शुरू हुई सियासत.

कांग्रेस के राष्‍ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अपने ट्विटर एकाउंट (Twitter Account) में अपना प्रोफाइल बदला और उसमें उनका परिचय पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद की जगह जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी लिखा हुआ है. इसके बाद सियासत शुरू हो गई. हालांकि वह इकलौते नेता नहीं हैं, जिन्‍होंने अपना ट्विटर बायो बदला है.

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भोपाल. कांग्रेस के राष्‍ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की लोकसभा चुनाव हारने के बाद से मध्‍य प्रदेश में बढ़ती सक्रियता से ना सिर्फ पार्टी बल्कि कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) भी असहज नजर आ रही है. जबकि 'महाराज' कई बार किसान कर्ज़ माफी पर अमल नहीं होने का मुद्दा उठा चुके हैं और इसके लिए वे कमलनाथ सरकार को भी निशाने पर ले चुके हैं. जबकि हाल फिलहाल कांग्रेस के कद्दावर नेता सिंधिया ने ट्विटर एकाउंट (Twitter Account) में अपना प्रोफाइल बदला और उसमें उनका परिचय पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद की जगह जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी लिखा हुआ है. यकीनन उनके ट्विटर में बदलाव के साथ प्रदेश में सियासत शुरू हो गई और हर कोई अपने-अपने हिसाब से मतलब निकाल रहा है. हालांकि सिंधिया मध्‍य प्रदेश के इकलौते नेता नहीं हैं, जिन्‍होंने अपना ट्विटर बायो बदला है.

शिवराज भी तो हैं कॉमन मैन
ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया से पहले शिवराज सिंह चौहान ने भी विधानसभा चुनाव में कारारी हार के बाद अपना ट्विटर बायो सीएम से बदलकर कॉमन मैन कर लिया था. उन्‍होंने अपने बायो में बदलाव के साथ संदेश दिया था कि वह भले ही अब मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री नहीं हैं, लेकिन वह जनता से जुड़े यानी जमीनी नेता हैं.

यही नहीं, अपने बायो में बदलाव के बाद शिवराज ने स्‍पष्‍ट किया था कि वह मध्‍य प्रदेश में ही पैदा हुए हैं और वह इसके लिए ही मरना चाहेंगे. उनका कहीं और जाने का इरादा नहीं है.

बायो में बदलाव के बाद निशाने पर आए सिंधिया
अपने ट्विटर बायो में बदलाव के बाद सिंधिया को लेकर कई कयास शुरू हो गए हैं. कुछ लोग इसे उनकी पार्टी से दूरी के अलावा भाजपा के पाले में जाने की कवायद बता रहे हैं, तो कुछ इसे मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ और सूबे के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्‍विजय सिंह पर सिंधिया का तंज समझ रहे हैं. हालांकि कुछ समय पहले मध्य प्रदेश में सिंधिया के खेमे से जुड़े 20 विधायक गायब होने की चर्चा हुई थी, जो कि बाद में गलत साबित हुई.

क्‍या प्रदेश अध्‍यक्ष बनेंगे सिंधिया?
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हां, ये बात अलग है कि वह मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस के अध्‍यक्ष बनने की दौड़ में शामिल हैं और उनके समर्थक उनके लिए पोस्‍टबाजी जरूर करते रहते हैं. जबकि सिंधिया कई बार कह चुके हैं कि पीसीसी चीफ का फैसला हाईकमान को करना है, जो भी आदेश होगा वो मुझे मान्‍य है. हालांकि कमलनाथ और दिग्‍विजय की जुगलबंदी के को देखते हुए ऐसा संभव नहीं लग रहा है, क्‍योंकि भाजपा को प्रदेश में सत्‍ता से बेदखल करने के बाद जब मुख्‍यमंत्री बनने की बात आई थी, तब दिग्‍विजय सिंह ने ये कहते हुए कमलनाथ का समर्थन किया था कि महाराज तो महाराज हैं और उनके पास आगे भी कई मौके होंगे. इसके बाद वो सीएम की रेस हार गए थे. वहीं पीसीसी चीफ की दौड़ में भी उनको सिंह का समर्थन मिलता नहीं आ रहा है.

बहरहाल, भले ही सिंधिया के पाला बदलने के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन उन्‍होंने हाल ही में दिल्ली में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की अफवाहों को भी खारिज कर दिया.

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First published: November 26, 2019, 4:47 PM IST
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