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मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले कांग्रेस नेता, मतदाता सूची का फॉर्मेट बदलने की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले कांग्रेस नेता, मतदाता सूची का फॉर्मेट बदलने की मांग

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)

कमलनाथ और दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)

मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस लगातार शिकायत कर रही है. पहले फर्ज़ी मतदाताओं का मुद्दा उसने उठाया और अब फॉर्मेट को लेकर शिकायत है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्य्क्ष कमलनाथ ने निर्वाचन आयोग से मध्य प्रदेश में मतदाता सूची का फॉर्मेट बदलने की मांग की है. पार्टी ने मांग की है कि जैसी मतदाता सूची राजस्थान को मुहैया कराई गयी है, वैसी ही टेक्स्ट फॉर्मेट में सूची मध्य प्रदेश को भी दी जाए.

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत से मुलाक़ात करने पहुंचा था. कांग्रेस की मांग है कि जिस फॉर्मेट में मतदाता सूची दे रहे हैं, वो स्वीकार नहीं है. जैसी राजस्थान को सूची दे रहे हैं, उसी फॉर्मेट में हमें भी सूची दी जाए. कांग्रेस नेताओं ने आयोग से  मतदाता सूची में दावे आपत्तियों का समय बढ़ाने की भी मांग की. पार्टी ने शिवराज सिंह पर यात्राओं के जरिए सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया.

पीसीसी चीफ कमलनाथ के साथ मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता आज दिल्ली में निर्वाचन आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे. प्रतिनिधि मंडल में पीसीसी चीफ कमलनाथ, प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, सांसद दिग्विजय सिंह और विवेक तन्खा शामिल थे.

बता दें, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और विवेक तन्खा चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात बार-बार कह रहे थे. शिकायत ये भी है कि प्रदेश की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी है.

उनकी आशंका सही साबित हुई, जब आयोग ने हाल ही में मध्यप्रदेश की मतदाता सूची से 24 लाख फर्ज़ी मतदाताओं के नाम काटे. उसके बाद प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संकेत दिए थे कि प्रदेश की मतदाता सूची से ऐसे करीब 80 हज़ार नान बेलेबल वॉरंटियों के नाम काटे जा सकते हैं, जो 6 महीने से ज़्यादा वक्त से फरार हैं. निर्वाचन आयोग को इसकी रिकमंडेशन भेजी जा चुकी है.

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Tags: Assembly Elections 2018

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