कांग्रेस में ज़बरदस्त गड़बड़झाला? 2019 में भेज दिए गए 2011 के सदस्यता फॉर्म

कांग्रेस ने सदस्यता के लिए पांच रुपए का शुल्क रखा है. वहीं बीजेपी ने मिस्ड काल के जरिए प्रदेश में दो करोड़ बीस लाख सदस्य बनाने के लक्ष्य रखा है

Anurag Shrivastav | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 13, 2019, 12:28 PM IST
कांग्रेस में ज़बरदस्त गड़बड़झाला? 2019 में भेज दिए गए 2011 के सदस्यता फॉर्म
सदस्यता अभियान में चूक
Anurag Shrivastav | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 13, 2019, 12:28 PM IST
बीजेपी के तो अच्छे दिन आ गए लेकिन congress के हाल ख़राब हैं. अब मध्यप्रदेश में पार्टी का सदस्यता अभियान भी गड़बड़ियों से भरा हुआ है. पार्टी के प्रदेश मुख्यालय PCC से जो सदस्यता फॉर्म पूरे प्रदेश में भेजे गए हैं वो पुरानी तारीख़ के हैं. वर्ष 2019 के सदस्यता अभियान के लिए उसने 2011 के फॉर्म प्रदेश भर में भेज दिए हैं. ये एक या दो नहीं पूरे 15 लाख फॉर्म हैं.

गड़बड़ी में घिरी पार्टी

बीजेपी ज़ोरशोर से पूरे देश में सदस्यता अभियान चला रही है. इसकी कमान प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को सौंपी गयी है. पूरी पार्टी पूरी तन्मयता से नये सदस्य बनाने के मिशन में जुटी है, लेकिन कांग्रेस है कि अपनी ही ग़लतियों और गफ़लत में घिरी हुई है. कांग्रेस में भी सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है. लेकिन इसमें भारी चूक कर दी गयी है. पार्टी ने सदस्यता के लिए जो फॉर्म भेजे हैं वो 9 साल पुराने हैं. नयी सदस्यता के लिए पुराने फॉर्म भेजे जा रहे हैं.

कांग्रेस सदस्यता अभियान


2019 में 2011 की बात
कांग्रेस ने अगले पांच साल के लिए पार्टी का सदस्यता अभियान चलाया है. नये मेंबर 2019 से लेकर अगले पांच साल के लिए बनाए जाएंगे.लेकिन जिस सदस्यता अभियान के जरिए कांग्रेस खुद की पैठ आम लोगों में बढ़ाने में जुटी है, उसकी तारीख ही गड़बड़ है. जो आवेदन फार्म जारी हुए हैं वो साल 2011 से 2019 की सदस्यता के लिए हैं.शायद ये 2011 में चलाए गए सदस्यता अभियान के फॉर्म हैं. उस वक्त जो फॉर्म बच गए थे उन्हें अब ठिकाने लगाया जा रहा है.
सिर्फ एक ही गड़बड़ी नहीं है. विवाद ये भी है कि इन फॉर्म में सदस्य की जाति से लेकर पोलिंग बूथ तक के संबंध में सवाल पूछे जा रहे हैं.
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फॉर्म में पूछे गए सवाल
सदस्यता लेने वाले की जाति
स्थायी पता
व्यवसाय
मोबाइल नंबर
बूथ कमेटी
ब्लाक का नाम
सदस्यता लेने वाले के संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी की टिप्पणी शामिल है.

5  रुपए फीस
कांग्रेस ने सदस्यता के लिए पांच रुपए का शुल्क रखा है. वहीं बीजेपी ने मिस्ड काल के जरिए प्रदेश में दो करोड़ बीस लाख सदस्य बनाने के लक्ष्य रखा है.कांग्रेस के सदस्यता अभियान का आलम ये है कि सदस्यता फॉर्म जारी होने के एक महीने बाद भी ज़िलों से कोई जानकारी पीसीसी मुख्यालय में नहीं पहुंची है.

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First published: August 13, 2019, 12:28 PM IST
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