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बड़े भाई दिग्विजय सिंह और सरकार के बाद अब ब्यूरोक्रेट्स से नाराज़ हैं लक्ष्मण सिंह

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 21, 2020, 11:55 PM IST
बड़े भाई दिग्विजय सिंह और सरकार के बाद अब ब्यूरोक्रेट्स से नाराज़ हैं लक्ष्मण सिंह
ब्यूरोक्रेट्स से नाराज़ हैं कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह

लक्ष्मण सिंह पूछते हैं, ये ब्यूरोक्रेट्स जो चाहेंगे, क्या वही होगा.ये आईएएस अफसर क्या हैं क्या नहीं, मैं अच्छी तरह से जानता हूं. इस लॉबी से रोज निपटता हूं, इस बार भी निपट लेंगे.

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भोपाल. चाचौ़ड़ा से कांग्रेस विधायक (Congress MLA) लक्ष्मण सिंह (laxman singh)अपनों को ही घेरने के लिए जाने जाते हैं. कभी वो अपनी पार्टी की सरकार के खिलाफ बयान देते हैं तो कभी अपने ही बड़े भाई दिग्विजय सिंह (digvijay singh) के बंगले के बाहर धरना देकर बैठ जाते हैं. इस बार वो प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से नाराज़ हैं. उन्होंने पूछा क्या प्रदेश में वही होगा जो ब्यूरोक्रेट्स चाहेंगे.

मध्य प्रदेश में जब से कांग्रेस सत्ता में आयी है, चाचौड़ा से कांग्रेस विधायक अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. कभी मंत्री ना बन पाने की कसक दिखती है तो कभी किसी मुद्दे पर वो सरकार को घेरते हैं. इस बार वो प्रदेश की आईएएस लॉबी से नाराज़ हैं. वो पूछते हैं, ये ब्यूरोक्रेट्स जो चाहेंगे, क्या वही होगा.ये आईएएस अफसर क्या हैं क्या नहीं, मैं अच्छी तरह से जानता हूं. इस लॉबी से रोज निपटता हूं, इस बार भी निपट लेंगे.

टकराव ला रहे ब्यूरोक्रेट्स
हाल ही में लक्ष्मण सिंह भोपाल में चल रहे अतिथि विद्वानों के आंदोलन में उनके साथ खड़े नज़र आए. वो उनसे मिलने धरना स्थल यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क भी गए थे. उनके आंदोलन को 42 दिन हो गए हैं लेकिन मसला अब तक नहीं सुलझा है. सरकार के इस रवैए पर लक्ष्मण सिंह ने नाराज़गी जताई है. उनका कहना है अतिथि विद्वानों से सरकार ने नियमित करने का वादा किया था.लेकिन अब हम आईएएस अफसरों के भरोसे नहीं बैठ सकते हैं. ऐसा नहीं चल सकता कि ब्यूरोक्रेटस जो चाहेंगे वो होगा. ये आईएएस अफसर क्या हैं-क्या नहीं मैं अच्छी तरह से जानता हूं.ब्यूरोक्रेट्स अतिथि विद्वानों के बीच टकराव करा रहे हैं. जबरदस्ती ऐसी स्थिति बना रहे हैं.

क्या है पूरा मामला
शाहजहांनी पार्क में अतिथि विद्वान धरने पर बैठे हैं. उनका मामला सड़क से लेकर सदन तक में गूंजा लेकिन उनकी नियमितिकरण की मांग पूरी नहीं हो पायी है. उच्च शिक्षा विभाग ने च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया की बात कही थी लेकिन अब तक च्वाइस फिलिंग नहीं हो रही है. 2700 अतिथि विद्वान बाहर हो चुके हैं. सरकार ने 1367 नये पद बनाने की भी बात कही है. लेकिन ये पद इनकी संख्या को देखते हुए काफी कम हैं. इनकी नियुक्ति कहां, कैसे और कब होगी ये भी स्पष्ट नहीं है. अब तक इन्हें स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से महज आश्वासन ही मिल रहा है.

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First published: January 21, 2020, 11:55 PM IST
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