लगातार हार के बाद अब कांग्रेस अपनाएगी RSS का फॉर्मूला

130 साल पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस हमेशा से आरएसएस का विरोध करती आई है, लेकिन अब यही कांग्रेस मध्यप्रदेश में हिन्दूवादी संगठन की राह पर चल पड़ी है. सेक्युलर कांग्रेस पार्टी अब हिन्दूवादी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की तरह अपने कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और बौद्धिक वर्ग शिविर लगाएगी. प्रदेश कांग्रेस की ये कवायद साल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने से पहले पार्टी में नया कैडर खड़ा करने की है.
130 साल पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस हमेशा से आरएसएस का विरोध करती आई है, लेकिन अब यही कांग्रेस मध्यप्रदेश में हिन्दूवादी संगठन की राह पर चल पड़ी है. सेक्युलर कांग्रेस पार्टी अब हिन्दूवादी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की तरह अपने कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और बौद्धिक वर्ग शिविर लगाएगी. प्रदेश कांग्रेस की ये कवायद साल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने से पहले पार्टी में नया कैडर खड़ा करने की है.

130 साल पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस हमेशा से आरएसएस का विरोध करती आई है, लेकिन अब यही कांग्रेस मध्यप्रदेश में हिन्दूवादी संगठन की राह पर चल पड़ी है. सेक्युलर कांग्रेस पार्टी अब हिन्दूवादी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की तरह अपने कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और बौद्धिक वर्ग शिविर लगाएगी. प्रदेश कांग्रेस की ये कवायद साल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने से पहले पार्टी में नया कैडर खड़ा करने की है.

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130 साल पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस हमेशा से आरएसएस का विरोध करती आई है, लेकिन अब यही कांग्रेस मध्यप्रदेश में हिन्दूवादी संगठन की राह पर चल पड़ी है. सेक्युलर कांग्रेस पार्टी अब हिन्दूवादी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की तरह अपने कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और बौद्धिक वर्ग शिविर लगाएगी. प्रदेश कांग्रेस की ये कवायद साल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने से पहले पार्टी में नया कैडर खड़ा करने की है.

मध्यप्रदेश में पिछले 20 महीने में लोकसभा चुनाव से लेकर विधानसभा और नगर निगमों तक के चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस का थिंक टैंक संगठन को और सशक्त करने में जुट गया है. आलम ये है कि इसके लिए कांग्रेस को अपने विरोधी हिन्दूवादी संगठन राष्ट्रीय स्वय संवक संघ और भाजपा की राह पर चलने से भी परहेज नहीं रहा है.

संघ और भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस भी अब प्रदेश में अपने कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और बौद्धिक वर्ग शिविर लगाएगी. इसकी शुरुआत नवम्बर में की जाएगी. नवंबर में पहला प्रशिक्षण और बौद्धिक शिविर 14,15 और 16 नवम्बर को राघौगढ़ में लगाया जाएगा. प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव तक शिविर के जरिए पार्टी में नया कैडर खड़ा किया जाएगा.



प्रशिक्षण और बौद्धिक वर्ग शिविर में प्रदेशभर के सभी जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा इनमें युवा विंग, महिला कांग्रेस, खेतिहर मजदूर किसान कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति विभाग से जुड़े कार्यकर्ता भी शामिल हैं. इस शिविर में राजनीतिक मुद्दों के अलावा कांग्रेस पार्टी का इतिहास और पार्टी नेताओं के योगदान को खासतौर से कार्यकर्ताओं को बताया जाएगा.
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