शिवराज कैबिनेट का अहम फैसला : पुलिस भर्ती में संविदा कर्मियों को नहीं मिलेगा 20% आरक्षण 
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शिवराज कैबिनेट का अहम फैसला :  पुलिस भर्ती में संविदा कर्मियों को नहीं मिलेगा 20% आरक्षण 
मध्य प्रदेश पुलिस में पहले से ही 25 फीसदी आरक्षण है

पुलिस (police) भर्ती में पहले से ही पूर्व सैनिकों और अनुकंपा नियुक्ति के लिए 25 % का आरक्षण (reservation) है. ऐसे में अगर 20 फ़ीसदी आरक्षण और दिया जाता है तो फिर यह 45% तक हो जाएगा जो व्यावहारिक नहीं है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पुलिस की नियमित भर्ती में संविदा कर्मियों को 20 फ़ीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. मंगलवार को हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक में ये फैसला किया गया. आज की बैठक में मंत्रियों (ministers) से कहा गया है कि वो अगली बैठक में तैयारी करके आएं.

मंगलवार को भोपाल में हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है. कैबिनेट ने यह तय किया है कि गृह विभाग में पुलिस की नियमित भर्ती में संविदा कर्मियों को 20 फ़ीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि गृह विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तय किया गया है कि पुलिस भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए 20 फ़ीसदी आरक्षण का नियम लागू नहीं होगा. कैबिनेट ने गृह विभाग को इस नियम से छूट की मंजूरी दे दी है.

25 % आरक्षण पहले से है
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक पुलिस भर्ती में पहले से ही पूर्व सैनिकों और अनुकंपा नियुक्ति के लिए 25 % का आरक्षण निर्धारित है. ऐसे में अगर 20 फ़ीसदी आरक्षण और दिया जाता है तो फिर यह 45% तक हो जाएगा जो व्यावहारिक नहीं है. यही वजह है कि कैबिनेट ने संविदा कर्मियों को आरक्षण न देने का फैसला किया है.
सरकार को राय दें


इसके अलावा कैबिनेट ने कई और अहम फैसले लिए हैं. सरकार ने सभी गरीबों को राशन देने का लक्ष्य तय किया है. 1 सितंबर से सभी मंत्री जिलों में जा कर राशन कार्ड ना होने पर गरीबों को राशन की पात्रता पर्ची बांटेंगे. मंगलवार की बैठक में मंत्रियों से अगली कैबिनेट बैठक की तैयारी के लिए भी कहा गया है. उनसे पूछा गया है कि मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर कौन सी योजना सरकार लॉन्च कर सकती है. इस पर अपनी राय दें.

ये हैं कैबिनेट के अहम फैसले-
1-पुलिस भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए 20 फीसदी आरक्षण का नियम नहीं होगा लागू
-कैबिनेट ने गृह विभाग को इस नियम से छूट की मंज़ूरी दी.
-सीएम हेल्पलाइन को सीएम सिटिज़न केयर के रूप में डिवलप किया जाएगा. शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की ट्रैकिंग कर सकेगा
-वल्लभ भवन भवन के कर्मचारियों को E ट्रेनिंग देने के लिए E ऑफिस तैयार किया जा रहा है.
-भोपाल इंदौर मेट्रो को जल्दी से जल्दी पूरा करने का फैसला.
-दीनदयाल रसोई योजना जिलों के अलावा पर्यटन स्थलों पर भी खोलने का फैसला लिया गया है.
-2024 तक सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर घर में फ़िल्टर वॉटर पहुंचाने का है.
-सिंचाई को 13 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 53 लाख हैक्टेयर करने का फैसला लिया है.अभी प्रदेश में 40 लाख हैक्टेयर में सिंचाई होती है.

-मुरैना, छतरपुर, शाहजहांपुर, नीमच, आगर में 4400 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाने का फैसला.
-आयुष्मान योजना का गरीब को कैसे लाभ मिले इस पर भी कैबिनेट में चर्चा.
प्रदेश में अत्याधुनिक 1600 प्रसव केंद्र बनाने का फैसला.
-5 साल से कम उम्र के बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित
-2025 तक मध्य प्रदेश टीबी बीमारी पूर्णता रूप से समाप्त होगी.
-स्वास्थ शिक्षा में आईटी को बढ़ावा देने पर चर्चा
-अर्थव्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में 75 हजार हेक्टेयर चंबल के बीहड़ों को विकसित करने का सुझाव.
-1 सितंबर को सभी मंत्री, सांसद, केंद्रीय मंत्री, विधायक अपने जिलों में जाकर गरीबों को राशन पात्रता पर्ची बांटेंगे.

कोरोना रिकवरी रेट
कोरोना के प्रदेश में आज 1379 केस आए हैं. 1079 रिकवरी हुए हैं. भोपाल की रिकवरी रेट 81 % ,मुरैना 94 % , ग्वालियर 75%. रिकवरी रेट के हिसाब से मध्य प्रदेश देश में 15 वे नंबर पर है.सरकार का दावा है कि प्रदेश में कोरोना के रोज 22 हजार से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं.
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